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Jamshedpur Flood: कई डैमों के गेट खुलने से जमशेदपुर में नदियां उफान पर, खरकई नदी खतरे के निशान के पार

खरकई, ब्यांगबिल, गजियाबैराज और गालूडीह बैराज के खोल दिए गए फाटक, लौहनगरी में नदी किनारे स्थित बस्तियों में बाढ़ की आशंका

by Mujtaba Haider Rizvi
Flood threat increased in Jamshedpur
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Jamshedpur : पिछले दिनों हुई तेज बरसात के बाद ओडिशा के दोनों डैमों के अलावा गजिया बैराज, चांडिल डैम और गालूडीह बैराज के गेट खोल दिए गए हैं। ओडिशा के ब्यांगबिल डैम और खरकई डैम के फाटक खोले गए हैं। इसके अलावा, चांडिल में भी डैम के गेट खुले हैं। इससे खरकई और स्वर्ण रेखा नदी में पानी का प्रवाह तेज हो गया है। दोनों नदियां उफान पर हैं। खरकई नदी खतरे के निशान से दशमलव 00.21 मीटर ऊपर बह रही है। स्वर्ण रेखा नदी भी उफान पर है। हालांकि स्वर्ण रेखा नदी अभी खतरे से 1.90 मीटर नीचे ही बह रही है। जिला प्रशासन ने नदियों के आसपास रहने वालों को अलर्ट कर दिया है। लोगों से कहा गया है कि वह नदी की तरफ नहीं जाएं।

ब्यांगबिल डैम और खरकई डैम के दो-दो फाटक खोले गए हैं। ब्यांगबिल डैम के 43.3 क्यूमेक्स और खरकई डैम से 106.78 क्यूमेक्स पानी छोड़ा गया है। इसके अलावा, गजिया बैराज से भी 1013.0 9 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है। गजिया बैराज के आठ गेट पूरी तरह खोल दिए गए हैं। चांडिल डैम के भी फाटक खोले गए हैं। चांडिल डैम से कुल 763.89 क्यूमेक्स पानी छोड़ा जा रहा है।

नहरों में भी छोड़ा गया पानी

इसमें से 15 क्यूमेक्स पानी नहर में डाला गया है। जबकि 748.89 क्यूमेक्स पानी स्वर्ण रेखा नदी में छोड़ा गया है। डैम खुलने के बाद स्वर्ण रेखा नदी भी उफान पर है। स्वर्ण रेखा नदी का खतरे का निशान 121.50 मीटर है। जबकि, यह नदी अभी 119.60 मीटर पर बह रही है। गालूडीह बैराज के भी गेट खोले गए हैं। गालूडीह बैराज से 5.72 क्यूमेक्स पानी कैनाल में छोड़ा गया है। जबकि 1878.27 क्यूमेक्स पानी स्वर्णरेखा नदी में छोड़ा गया है।

गौरतलब है कि खरकई नदी में और पानी बढ़ा तो बागबेड़ा में नदी किनारे स्थित बस्तियों के डूबने का खतरा है। कुछ दिन पहले जमशेदपुर में बाढ़ की स्थिति बन गई थी। बागबेड़ा, जुगसलाई और शास्त्रीनगर में नदी किनारे की बस्तियां डूब गई थीं। बाढ़ में एक युवक बह गया था। उसकी मौत हो गई थी। जबकि, एनडीआरएफ ने पांच लोगों का रेस्क्यू किया था। मानगो में स्वणर्रखा नदी का पानी बढ़ने से आसपास के इलाके डूब गए थे। जाबिर पुल और रोड नंबर एक स्थित पुल के डूबने से कपाली का जमशेदपुर से संपर्क टूट गया था। चारों तरफ हाहाकार मचा हुआ था। अब दोबारा ऐसी नौबत नहीं आए इसके लिए जिला प्रशासन ने पहले से ही लोगों को अलर्ट कर दिया है।

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