
Jamshedpur : टाटा स्टील की अधिकृत यूनियन टाटा वर्कर्स यूनियन की सोमवार को हुई कमेटी मीटिंग में हाल में हुए ग्रेड रिवीजन को लेकर जमकर हंगामा हुआ। ग्रेड रिवीजन में कथित विसंगतियों को लेकर अध्यक्ष समर्थक और विरोधी कमेटी मेंबर आमने-सामने आ गए। स्थिति इतनी गरमा गई कि हाथापायी की नौबत तक पहुंच गई। बाद में अन्य सदस्यों के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ। हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही करीब 10 से 15 मिनट तक बाधित रही।
सुबह नौ बजे निर्धारित समय पर शुरू हुई बैठक में सबसे पहले दिवंगत लोगों को श्रद्धांजलि दी गई। इसके बाद इस सत्र में सेवानिवृत्त हुए कमेटी मेंबर अब्दुल रफीक, शिव शंकर सिंह, आशीष प्रधान और संजय कुमार सिंह को सम्मानित किया गया।
यूनियन नेतृत्व पर ग्रेड रिवीजन को लेकर उठे सवाल
सम्मान समारोह के दौरान सेवानिवृत्त कमेटी मेंबर आशीष प्रधान ने अपने संबोधन में यूनियन नेतृत्व पर ग्रेड रिवीजन को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस तरह का ग्रेड रिवीजन किया गया है, उससे कर्मचारियों के भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ा है। उन्होंने नेतृत्व से जवाबदेही लेने की मांग करते हुए कहा कि ऐसा कोई काम नहीं होना चाहिए जिससे कर्मचारियों को बाहर मिलने पर यूनियन नेताओं के प्रति तिरस्कार का सामना करना पड़े।
इसके बाद अध्यक्ष ने कमेटी मेंबर नितेश राज को पिछली बैठक के मिनट्स पढ़ने के लिए कहा। इसी दौरान सिंटर प्लांट के कमेटी मेंबर सह पूर्व उपाध्यक्ष शिवेश वर्मा मंच पर पहुंच गए। उन्होंने मिनट्स पढ़े जाने से पहले हाल में हुए ग्रेड रिवीजन पर यूनियन नेतृत्व से जवाब मांगा। उनका कहना था कि हर ग्रेड रिवीजन में कुछ विसंगतियां होती हैं, लेकिन इतनी बड़ी संख्या में विसंगतियां पहले कभी नहीं हुईं। उन्होंने यूनियन नेतृत्व से इस मामले में जवाबदेही लेने की मांग की।
शिवेश वर्मा के मंच पर पहुंचने के बाद कई कमेटी मेंबर भी वहां जुट गए, जिससे बैठक की कार्यवाही रुक गई। इसी दौरान फ्लैट प्रोडक्ट प्लानिंग विभाग के कमेटी मेंबर विमल कुमार ने मंच पर पहुंचकर ग्रेड रिवीजन का बचाव किया। उनके समर्थन में भी कई कमेटी मेंबर सामने आ गए, जबकि दूसरे सदस्यों ने इसका विरोध शुरू कर दिया।
दोनों पक्षों के सदस्य मंच के पास जुटे
ग्रेड रिवीजन के समर्थन में विभाष शुक्ला, शैलेन्द्र राय, ओमप्रकाश बमबम, विवेक भारद्वाज, निरंजन कुमार, गुलाब यादव, दिनेश कुमार, निशांत जायसवाल, विजेंद्र साह, विवेक विक्की राय, नीरज पराशर और अरविन्द समेत अन्य कमेटी मेंबर मंच के पास जुटे।
वहीं, शिवेश वर्मा के समर्थन में भी बड़ी संख्या में कमेटी मेंबर पहुंच गए। इनमें संतोष पांडेय, मारुति नंदन पांडेय, राजेश कुमार सिंह, विभाकर राय, प्रदीप दुबे, अश्विनी माथन, ज्ञान रंजन, देवेन मिस्त्री, मनोज कुमार, संतोष पांडेय, अमित कुमार सिंह, अरुण श्रीवास्तव, राज कुमार, उमेश सिंह, नीलेश कुमार और अभिनंदन सहित अन्य सदस्य शामिल थे।
स्थिति बिगड़ती देख बैठक के दौरान माइक बंद कर दिया गया। मंच पर काफी भीड़ जमा हो गई और यूनियन के कई पदाधिकारी अपनी सीटों से उठकर बहस में शामिल हो गए। अध्यक्ष भी मंच के बीच में पहुंच गए। इसी दौरान उपाध्यक्ष संजय कुमार और नितेश राज के बीच भी तीखी बहस हुई, जिससे सदन की कार्यवाही करीब 10 से 15 मिनट तक बाधित रही।
अध्यक्ष ने पोडियम से दी ग्रेड रिवीजन पर सफाई
हंगामे के बीच अध्यक्ष अपना आसन छोड़कर पोडियम पर पहुंचे और ग्रेड रिवीजन को लेकर यूनियन की ओर से सफाई देने लगे। इसी दौरान महामंत्री सतीश सिंह ने अध्यक्ष को टोकते हुए कहा कि रजिस्टर्ड रिलेशन के तहत नियोजित किए गए करीब 500 कर्मचारियों को अनोमलीज के दायरे में नहीं आना चाहिए, क्योंकि इन सभी का चयन एक साथ हुआ था।
बगैर चर्चा चार माह का लेखा-जोखा और पिछली बैठक का मिनट्स पारित
लगातार बढ़ते विवाद के बावजूद बाद में स्थिति को नियंत्रित किया गया। इसके बाद बिना विस्तृत चर्चा के चार माह का लेखा-जोखा पारित कर दिया गया तथा पिछली बैठक के मिनट्स को भी मंजूरी दे दी गई। बैठक में हुए घटनाक्रम ने टाटा वर्कर्स यूनियन के भीतर हालिया ग्रेड रिवीजन को लेकर असंतोष और मतभेद को खुलकर सामने ला दिया है।

