
खूंटी : खूंटी जिले में पिछले चार से पांच दिनों से लगातार हो रही बारिश ने गरीब और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मुरहू प्रखंड की गानालोया पंचायत के घाघरा गांव में बारिश के कारण जमीन धंसने और पानी निकलने से एक मजदूर का कच्चा मकान रविवार रात अचानक भरभराकर गिर गया। मकान गिरने के बाद राम मुंडा का परिवार बेघर हो गया है। अब उनके सामने वृद्ध मां और दो छोटे बच्चों के साथ सुरक्षित ठिकाने का संकट खड़ा हो गया है।
राम मुंडा मजदूरी कर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह अपने स्तर से नया मकान बनवा सकें। वह अपनी वृद्ध मां और दोनों बच्चों के साथ मिट्टी से बने इसी कच्चे मकान में रहते थे। लगातार बारिश के कारण मकान की मिट्टी की दीवारों में नमी बढ़ती गई। दीवारें कमजोर होने के बाद जमीन के भीतर से पानी निकलने लगा, जिससे मकान का ढांचा और अधिक कमजोर हो गया। आखिरकार रविवार रात मकान पूरी तरह ढह गया।
लगातार बारिश से कमजोर हुआ कच्चा मकान
ग्रामीणों के अनुसार, पिछले कई दिनों से क्षेत्र में लगातार बारिश हो रही है। बारिश का पानी जमीन के भीतर जाने और फिर बाहर निकलने के कारण मकान के आसपास की मिट्टी कमजोर हो गई। दूसरी ओर, लगातार नमी के कारण मिट्टी की दीवारों की मजबूती भी कम होती गई। इसी वजह से कच्चे मकान के अचानक गिरने की स्थिति बनी। मकान के ध्वस्त होने के बाद परिवार के पास रहने के लिए अपना कोई सुरक्षित स्थान नहीं बचा है। घटना के बाद राम मुंडा अपनी वृद्ध मां और छोटे बच्चों को लेकर अपने भाई हिंदी मुंडा के घर में अस्थायी रूप से रहने की तैयारी कर रहे हैं।
मकान गिरने के बाद परिवार के सामने राहत का संकट
घर गिरने के बाद गरीब मजदूर परिवार के सामने केवल आवास का ही नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जरूरतों का भी संकट पैदा हो गया है। मजदूरी करके परिवार चलाने वाले राम मुंडा के लिए तत्काल नया घर बनाना संभव नहीं है। ऐसे में बारिश के मौसम में परिवार को सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराना सबसे बड़ी जरूरत बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। यदि समय रहते सहायता नहीं मिली, तो वृद्ध महिला और छोटे बच्चों के साथ परिवार के लिए बारिश के मौसम में रहने की समस्या और गंभीर हो सकती है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल राहत की मांग की
घटना के बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से पीड़ित परिवार को तत्काल राहत उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों के अनुसार, परिवार को सूखा राशन, तिरपाल और अन्य आवश्यक राहत सामग्री उपलब्ध कराई जानी चाहिए, ताकि बारिश के दौरान उन्हें परेशानी का सामना न करना पड़े। ग्रामीणों ने यह भी मांग की है कि राम मुंडा के परिवार को प्राथमिकता के आधार पर सरकारी आवास योजना से जोड़ा जाए। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना या अबुआ आवास योजना के तहत आवास उपलब्ध कराने की मांग की गई है।
नया मकान बनने तक सुरक्षित आवास की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से यह भी आग्रह किया है कि जब तक परिवार के लिए नया मकान तैयार नहीं हो जाता, तब तक उसे किसी खाली सरकारी भवन में अस्थायी रूप से रहने की व्यवस्था दी जाए। इससे वृद्ध मां और छोटे बच्चों को बारिश से सुरक्षित रखा जा सकेगा। ग्रामीणों का कहना है कि राम मुंडा स्वयं नया मकान बनाने की स्थिति में नहीं हैं। मजदूरी से होने वाली आमदनी से परिवार की दैनिक जरूरतें पूरी करना ही उनके लिए चुनौती है। ऐसे में घर के पूरी तरह गिर जाने के बाद सरकारी सहायता के बिना परिवार के लिए दोबारा आशियाना खड़ा करना मुश्किल है।
बारिश के मौसम में गरीब परिवारों की बढ़ी परेशानी
खूंटी जिले में लगातार बारिश के बीच कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों की चिंता बढ़ गई है। मिट्टी से बने मकानों में पानी और सीलन के कारण उनकी संरचना कमजोर होने का खतरा बना रहता है। घाघरा गांव में राम मुंडा का मकान गिरने की घटना ने भी इसी समस्या को सामने ला दिया है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि प्रभावित परिवार का तत्काल आकलन कर राहत दी जाए और स्थायी आवास की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए। उनका कहना है कि बारिश के इस दौर में परिवार को सुरक्षित छत उपलब्ध कराना जरूरी है, ताकि वृद्ध मां और बच्चों को खुले में रहने की स्थिति का सामना न करना पड़े।
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