
रांची : झारखंड सरकार ने राज्य के पांच महत्वपूर्ण शहरी निकायों में नगर निकाय भवन निर्माण के लिए राशि का आवंटन कर दिया है। नगर विकास एवं आवास विभाग ने 48 करोड़ 64 लाख 92 हजार 427 रुपये का आवंटन जारी किया है। इस राशि से पलामू के छतरपुर, गोड्डा, कोडरमा के झुमरी तिलैया, गुमला और जामताड़ा में नगर निकायों के लिए नए भवन तैयार किए जाएंगे।
सरकार के इस फैसले को संबंधित शहरों में शहरी प्रशासन की बुनियादी संरचना मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। नए नगर भवन बनने के बाद निकायों के प्रशासनिक कामकाज को एक ही परिसर से संचालित करने में सुविधा होगी। आम लोगों को भी भवन निर्माण, नक्शा स्वीकृति, कर भुगतान, जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र सहित नगर निकायों से जुड़ी विभिन्न सेवाओं के लिए बेहतर व्यवस्था मिलने की उम्मीद है।
राज्य के नगर विकास एवं आवास विभाग के अनुसार झारखंड में शहरी स्थानीय निकायों के माध्यम से शहरों में नागरिक सुविधाओं और नियोजित विकास की जिम्मेदारी निभाई जा रही है। अधिकारियों के अनुसार राज्य में नगर निगम, नगर परिषद, नगर पंचायत और अन्य शहरी निकाय मिलाकर दर्जनों स्थानीय निकाय कार्यरत हैं, जिनके माध्यम से शहरी क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है।
तीन निकायों के लिए करीब 29 करोड़
जानकारी के अनुसार, छतरपुर नगर पंचायत, गोड्डा नगर परिषद और झुमरी तिलैया नगर परिषद में नगर भवन निर्माण के लिए कुल 28 करोड़ 99 लाख 46 हजार 125 रुपये जारी किए गए हैं। पलामू जिले का छतरपुर तेजी से विकसित हो रहे स्थानीय शहरी क्षेत्रों में शामिल है। वहीं गोड्डा संताल परगना प्रमंडल का महत्वपूर्ण जिला मुख्यालय है और यहां नगर परिषद के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने के लिए नया भवन बनाया जाएगा।
कोडरमा जिले का झुमरी तिलैया राज्य के प्रमुख शहरी केंद्रों में शामिल है। यह इलाका लंबे समय से व्यापारिक और प्रशासनिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है। यहां नगर परिषद के लिए नया भवन बनने से बढ़ती आबादी और शहरी जरूरतों के अनुरूप प्रशासनिक सेवाओं को बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिलने की संभावना है।
गुमला और जामताड़ा को भी बड़ी राशि
दूसरी ओर गुमला नगर परिषद और जामताड़ा नगर पंचायत में नगर भवन निर्माण के लिए कुल 19 करोड़ 65 लाख 46 हजार 309 रुपये आवंटित किए गए हैं।
गुमला दक्षिणी झारखंड का एक महत्वपूर्ण जिला मुख्यालय है। यहां नगर परिषद शहरी क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं के संचालन की जिम्मेदारी संभालती है। जिला प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर भी गुमला नगर परिषद को जिले के प्रमुख शहरी निकाय के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
जामताड़ा भी संताल परगना क्षेत्र का महत्वपूर्ण जिला है। यहां शहरी आबादी और प्रशासनिक गतिविधियों के विस्तार के साथ नगर निकाय की भूमिका लगातार बढ़ी है। ऐसे में नए नगर भवन से निकाय के कार्यालयों और विभिन्न शाखाओं को बेहतर ढंग से संचालित करने की सुविधा मिलने की उम्मीद है।
जुडको के खाते में जाएगी राशि
विभागीय आदेश के अनुसार यह राशि वित्तीय वर्ष 2026-27 में वृहत शहरी परियोजना एवं नागरिक आधारभूत संरचना योजना के तहत जारी की गई है। राशि की निकासी नगर विकास एवं आवास विभाग के उप सचिव-सह-निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी के माध्यम से सचिवालय कोषागार, प्रोजेक्ट भवन, धुर्वा से की जाएगी।
निकासी के बाद राशि जुडको लिमिटेड के पीएल खाते में उपलब्ध कराई जाएगी। जुडको के माध्यम से निर्माण योजनाओं को आगे बढ़ाया जाएगा।
खुली निविदा से होगा निर्माण
सरकार ने निर्माण कार्य को लेकर कई शर्तें भी तय की हैं। विभाग ने स्पष्ट किया है कि योजनाओं का काम तकनीकी स्वीकृति के बाद खुली एवं प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया के माध्यम से कराया जाएगा। राशि का किसी दूसरे मद में विचलन नहीं किया जा सकेगा।
निर्माण कार्य की मासिक भौतिक और वित्तीय प्रगति की निगरानी भी की जाएगी। भारतीय अंकेक्षण एवं लेखा विभाग को योजनाओं से संबंधित अभिलेखों और खातों की जांच का अधिकार होगा।
नगर भवन बनने के बाद इन पांच निकायों में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित करने की उम्मीद है। खासकर एक ही भवन में विभिन्न शाखाओं और अधिकारियों के कामकाज की व्यवस्था होने से आम लोगों को नगर निकाय से जुड़ी सेवाओं के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।
एक नजर में आवंटन
छतरपुर नगर पंचायत, गोड्डा नगर परिषद और झुमरी तिलैया नगर परिषद : 28.99 करोड़ रुपये
गुमला नगर परिषद और जामताड़ा नगर पंचायत : 19.65 करोड़ रुपये
कुल आवंटन : 48.64 करोड़ रुपये
योजना : वृहत शहरी परियोजना एवं नागरिक आधारभूत संरचना

