
धनबाद: झारखंड अधिविद्य परिषद (जैक) की बोर्ड परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ाने और फर्जीवाड़े पर पूरी तरह अंकुश लगाने के उद्देश्य से प्रशासन ने व्यवस्था को और कड़ा कर दिया है। अब मैट्रिक, इंटरमीडिएट, मध्यमा (संस्कृत) और मदरसा जैसी बोर्ड परीक्षाओं में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं के ऑनलाइन पंजीकरण के समय संबंधित विद्यालय का यू-डायस प्लस कोड और विद्यार्थी की परमानेंट एजुकेशन नंबर दर्ज करना अनिवार्य होगा। इन दोनों विवरणों के अभाव में वर्ष 2027 एवं आगामी बोर्ड परीक्षाओं के लिए किसी भी परीक्षार्थी का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव उमा शंकर सिंह के दिशा-निर्देशों के तहत जैक सचिव ने राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को इस नियम का कड़ाई से पालन कराने का आदेश दिया है। इसी क्रम में धनबाद के जिला शिक्षा अधिकारी अभिषेक झा ने क्षेत्र के सभी प्रखंड शिक्षा प्रसार अधिकारियों और विद्यालय प्रमुखों को निर्देश जारी कर दिए हैं। जिन शैक्षणिक संस्थानों के पास अब तक यू-डायस कोड नहीं है, उन्हें झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद से संपर्क कर तुरंत कोड हासिल करने को कहा गया है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने साफ किया है कि वर्ष 2027 की परीक्षाओं हेतु डिजिटल पोर्टल पर यू-डायस कोड और छात्र की स्थायी शिक्षा संख्या दर्ज करना अनिवार्य रहेगा। किसी भी योग्य छात्र का नुकसान न हो, इसके लिए जिला स्तर पर इस कार्य की लगातार निगरानी की जाएगी।
नकली नामांकनों पर लगेगी रोक,बनेगा सटीक ब्योरा
इस व्यवस्था से एक ही छात्र द्वारा अलग-अलग स्थानों से दोहरे आवेदन या अयोग्य विद्यार्थियों के अवैध नामांकन जैसी गड़बड़ियों पर रोक लगेगी। इसके साथ ही राज्य व राष्ट्रीय स्तर पर छात्र-छात्राओं का एक प्रामाणिक ब्योरा तैयार होगा, जिससे पढ़ाई छोड़ने वाले बच्चों की दर और नामांकन के आंकड़ों का सही आकलन संभव हो सकेगा।
30 सितंबर तक की समय-सीमा तय
जैक ने सभी सरकारी, प्रस्वीकृति प्राप्त एवं निजी माध्यमिक-उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों, इंटर महाविद्यालयों, संस्कृत विद्यालयों और मदरसों के प्रधानों को हिदायत दी है कि वे पंजीकरण प्रक्रिया आरंभ होने से पूर्व, यानी 30 सितंबर तक सभी नामांकित विद्यार्थियों की ‘स्थायी शिक्षा संख्या’ (पेन) अवश्य प्राप्त कर लें।
शैक्षणिक सत्र को नियमित रखने और परिणामों में होने वाली देरी से बचने के लिए विभाग ने बड़ा निर्णय लिया है। जैक के अधीन संचालित सामान्य विद्यालयों के साथ-साथ मदरसा वस्तानिया, फ़ौक़ानिया, मौलवी और संस्कृत (मध्यमा) की बोर्ड परीक्षाएं भी एक साथ और तय समय-सीमा के भीतर ही आयोजित की जाएंगी।
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