
जमशेदपुर : बढ़ती उम्र में कभी-कभी किसी व्यक्ति का नाम याद न आना या सामान रखकर भूल जाना सामान्य हो सकता है। लेकिन भूलने की समस्या लगातार बढ़ने लगे और उसका असर बातचीत, निर्णय लेने की क्षमता तथा रोजमर्रा के कामों पर दिखाई दे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। यह डिमेंशिया जैसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।
सदर अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. दीपक गिरी के अनुसार, डिमेंशिया को उम्र बढ़ने की सामान्य प्रक्रिया मानना उचित नहीं है। हालांकि इसके प्रत्येक मामले को रोक पाना संभव नहीं होता, लेकिन स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर और पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं को नियंत्रित रखकर इसके खतरे को कुछ हद तक कम किया जा सकता है।
नियमित शारीरिक गतिविधि से सक्रिय रहता है मस्तिष्क
डॉ. दीपक गिरी के अनुसार, नियमित व्यायाम शरीर के साथ-साथ मस्तिष्क को भी स्वस्थ रखने में मदद करता है। तेज चाल से चलना, साइकिल चलाना, तैराकी या योग जैसी गतिविधियां रक्त संचार बेहतर करने में सहायक हो सकती हैं। व्यक्ति को अपनी उम्र और स्वास्थ्य की स्थिति को ध्यान में रखते हुए सुरक्षित व्यायाम चुनना चाहिए।
मधुमेह को नियंत्रित रखना जरूरी
लंबे समय तक बढ़ा हुआ ब्लड शुगर शरीर की रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है, जिसका असर मस्तिष्क के स्वास्थ्य पर भी पड़ने की आशंका रहती है। डॉ. गिरी ने बताया कि मधुमेह से पीड़ित लोगों को नियमित जांच करानी चाहिए। संतुलित भोजन, शारीरिक सक्रियता और चिकित्सक द्वारा निर्धारित दवाओं का सही तरीके से सेवन जरूरी है। दवा में अपनी मर्जी से बदलाव नहीं करना चाहिए।
बढ़ा हुआ रक्तचाप बन सकता है खतरा
हाई ब्लड प्रेशर कई बार स्पष्ट लक्षण नहीं दिखाता, इसलिए लोग इसे गंभीरता से नहीं लेते। लंबे समय तक अनियंत्रित रक्तचाप मस्तिष्क की रक्त वाहिकाओं को प्रभावित कर सकता है। नमक का सीमित सेवन, तनाव पर नियंत्रण, नियमित जांच और डॉक्टर द्वारा बताया गया उपचार जारी रखने से जोखिम कम करने में सहायता मिल सकती है।
सुनने की परेशानी को नजरअंदाज न करें
कम सुनाई देने पर व्यक्ति बातचीत और सामाजिक गतिविधियों से दूर होने लगता है। इससे अकेलापन बढ़ सकता है और मस्तिष्क की सक्रियता प्रभावित हो सकती है। डॉ. दीपक गिरी ने कहा कि सुनने में परेशानी होने पर जांच करानी चाहिए। आवश्यकता होने पर विशेषज्ञ की सलाह से श्रवण उपकरण का इस्तेमाल किया जा सकता है।
धूम्रपान और नशे से दूरी बनाएं
धूम्रपान और शराब का हानिकारक सेवन रक्त वाहिकाओं एवं मस्तिष्क के स्वास्थ्य पर बुरा प्रभाव डाल सकता है। पौष्टिक भोजन, पर्याप्त नींद, पढ़ने जैसी मानसिक गतिविधियां तथा परिवार और मित्रों से जुड़ाव दिमाग को सक्रिय रखने में सहायक हैं।

