
रांची : झारखंड में लंबित महत्वपूर्ण परियोजनाओं और उनके सामने आ रही अड़चनों को दूर करने की कवायद तेज हो गई है। केंद्र सरकार के प्रोजेक्ट मॉनिटरिंग ग्रुप (पीएमजी) की जल्द होने वाली समीक्षा बैठक की तैयारी शुरू कर दी गई है। बैठक से पहले झारखंड से संबंधित लंबित परियोजनाओं और मुद्दों की अद्यतन स्थिति की रिपोर्ट संबंधित विभागों से मंगाई जा रही है।
उद्योग संवर्धन एवं आंतरिक व्यापार विभाग (डीपीआईआईटी) की ओर से झारखंड के मुख्य सचिव को पत्र भेजकर संबंधित विभागों और अधिकारियों से परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति उपलब्ध कराने को कहा गया है। साथ ही जिन विभागों की परियोजनाएं पीएमजी पोर्टल पर लंबित हैं, उनसे जुड़े अधिकारियों और परियोजना प्रतिनिधियों की बैठक में भागीदारी सुनिश्चित करने को कहा गया है।
इन क्षेत्रों की परियोजनाओं पर नजर
पीएमजी की बैठक में ऊर्जा, पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस, रेलवे, पर्यावरण एवं वन, कोयला, इस्पात तथा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग से संबंधित लंबित परियोजनाओं और मुद्दों की समीक्षा होगी। खासकर ऐसी परियोजनाएं जिनमें जमीन, वन एवं पर्यावरण मंजूरी या विभिन्न विभागों के बीच समन्वय के कारण काम प्रभावित हो रहा है, उनकी स्थिति पर चर्चा की जाएगी।
बैठक में परियोजनाओं की माइलस्टोन आधारित प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ प्रत्येक लंबित मुद्दे के समाधान की दिशा में भी चर्चा होगी। संबंधित परियोजनाओं की मौजूदा स्थिति पर प्रस्तुतीकरण भी रखा जाएगा।
डीपीआईआईटी ने राज्य सरकार से पीएमजी पोर्टल पर दर्ज लंबित परियोजनाओं और मुद्दों की स्थिति को तत्काल अपडेट करने को कहा है। संबंधित विभागों के प्रधान सचिव/सचिव के अलावा विभागाध्यक्षों, उपायुक्तों और डीएफओ को भी जरूरत के अनुसार बैठक में शामिल कराने की तैयारी की जा रही है।
पीएमजी की यह प्रक्रिया बड़ी परियोजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली अड़चनों को केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से दूर करने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। ऐसे में बैठक से पहले संबंधित विभागों से रिपोर्ट मंगाए जाने को परियोजनाओं की जमीनी स्थिति का आकलन करने और लंबित मामलों के समाधान की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
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