
धनबाद : साइबर अपराधियों का एक हैरान करने वाला कारनामा सामने आया है। ठगों ने बैंक अधिकारी बनकर बीसीसीएल कर्मचारी को अपना शिकार बनाया। बदमाशों ने पीड़ित के बैंक खाते से 4 लाख 19 हजार रुपये उड़ा लिए। केवल एक घंटे के भीतर 14 बार में यह पूरी रकम अपने अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर ली। जब पीड़ित के मोबाइल पर लगातार मैसेज आने लगे, तब जाकर उन्हें इस जालसाजी का पता चला।
पीड़ित रामबालक सिंह बीसीसीएल के जियलगोड़ा अस्पताल में काम करते हैं। उनका बचत खाता बैंक ऑफ इंडिया की भागा शाखा में है। कुछ समय पहले साइबर अपराधियों ने उनसे फोन पर संपर्क किया था। फोन करने वाले ने खुद को बैंक का अधिकारी बताया। उसने मोबाइल बैंकिंग सेवा को ठीक से चलाने और तकनीकी खराबी दूर करने का बहाना बनाया। इसके बाद उसने एक ऐप डाउनलोड करने की सलाह दी।
कर्मचारी ने ऐप डाउनलोड कर लिया
झांसे में आकर कर्मचारी ने ऐप डाउनलोड कर लिया। असल में वह कोई आधिकारिक ऐप नहीं था, बल्कि एक फर्जी और रिमोट स्क्रीन शेयरिंग ऐप था। इसके माध्यम से ठगों को पीड़ित के फोन का एक्सेस मिल गया। शुरुआत में ऐप लॉक होने की वजह से ठग पैसे ट्रांसफर नहीं कर पा रहे थे। इसके बाद अपराधियों ने बेहद चालाकी से पीड़ित को खुद बैंक जाकर ऐप अनलॉक कराने को कहा।
पीड़ित रामबालक सिंह ने बुधवार को बैंक शाखा जाकर कर्मचारी की मदद से ऐप को अनलॉक करा लिया। ऐप अनलॉक होते ही ठगों का रास्ता साफ हो गया। इसके बाद गुरुवार सुबह लगभग 7:30 बजे से 8:30 बजे के बीच ठगों ने अपना खेल शुरू कर दिया। ठगों ने लगातार 14 बार में कुल 4.19 लाख रुपये निकाल लिए।
लगातार नोटिफिकेशन आने लगे तो उड़ गए होश
जब पीड़ित के मोबाइल पर पैसे कटने के लगातार नोटिफिकेशन आने लगे, तो उनके होश उड़ गए। उन्होंने तुरंत इस बात की सूचना अपने परिवार को दी। इस अचानक हुई ठगी से पीड़ित और उनका परिवार गहरे सदमे में है।
रामबालक सिंह ने जोड़ापोखर थाना और धनबाद साइबर थाना में जाकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत मिलते ही पुलिस की टीम एक्टिव हो गई है। साइबर सेल की टीम उन सभी खातों की पड़ताल कर रही है, जिनमें यह रकम ट्रांसफर की गई है। इसके साथ ही जिस मोबाइल नंबर से पीड़ित को फोन किया गया था, उसकी लोकेशन भी ट्रैक की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।

