
19-20 नवंबर को सभी जिलों में निर्वाचन साक्षरता क्लबों के विशेष कार्यक्रम, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने दिए निर्देश
रांची : मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान सुनवाई में मतदाताओं से किसी विशेष या अतिरिक्त दस्तावेज की मांग नहीं की जायेगी। उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर पात्रता की जांच कर कारणयुक्त आदेश पारित किया जायेगा। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के. रवि कुमार ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों के निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों और सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारियों के साथ समीक्षा सह शंका निवारण सत्र में यह निर्देश दिया।
उन्होंने कहा कि एसआईआर में एक भी पात्र भारतीय नागरिक का नाम नहीं छूटना चाहिए और कोई अपात्र अथवा विदेशी नागरिक मतदाता सूची में शामिल नहीं हो। बूथ स्तर के पदाधिकारियों के कार्यों की प्रतिदिन समीक्षा करने और उन्हें जरूरी सहयोग देने का निर्देश भी दिया गया।
फॉर्म-6 के माध्यम से प्राप्त नये और युवा पात्र भारतीय नागरिकों के आवेदनों का समय पर डिजिटलीकरण कराने को कहा गया। मतदान केंद्रों के लिए तैयार नजऱी नक्शे की दोबारा जांच और स्थल निरीक्षण कर अंतिम प्रारूप तैयार करने का निर्देश भी दिया गया।
दस्तावेज नहीं तो पारिवारिक संबंध से सत्यापन
जन्म 1934 जैसे पुराने मामलों में यदि वृद्ध मतदाता के पास अपना कोई दस्तावेज नहीं है, तो पात्र भारतीय नागरिक बच्चों या नाती-पोतों से पारिवारिक संबंध जोड़कर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। वहीं ससुराल में रह रही महिला मतदाता के दस्तावेज नहीं होने पर उसके माता-पिता से संबंध जोड़कर सत्यापन किया जायेगा। माता-पिता या भाई-बहन द्वारा जमा किये गये मान्य दस्तावेजों को आधार बनाया जा सकता है।
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मुखिया स्तर से जारी वंशावली मान्य नहीं होगी। सक्षम पदाधिकारी अथवा अंचल अधिकारी स्तर से जारी वंशावली या पारिवारिक सूची ही स्वीकार की जायेगी।
19-20 नवंबर को विशेष कार्यक्रम
निर्वाचन साक्षरता क्लबों को सभी जिलों में पुनर्गठित कर सक्रिय करने का निर्देश दिया गया है। 19 और 20 नवंबर को विशेष कार्यक्रम आयोजित होंगे। इनका उद्देश्य स्कूल-कॉलेज, जिला और ग्राम स्तर पर युवाओं और पात्र नागरिकों को मतदाता पंजीकरण तथा मतदान के अधिकार के प्रति जागरूक करना है।

