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Jharkhand News : झारखंड में घटिया सड़क निर्माण पर सरकार सख्त, तीन अभियंता निलंबित; सेवानिवृत्त इंजीनियर पर भी कार्रवाई

साहिबगंज जिले के पतना-हिरणपुर सड़क निर्माण में जांच के दौरान कार्य में अनियमितता और घटिया सामग्री के इस्तेमाल से संबंधित मामला सामने आया। इसके बाद जांच दल की रिपोर्ट में चार अभियंताओं को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया

by Rakesh Pandey
Ranchi News
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रांची : झारखंड में सड़क निर्माण की गुणवत्ता और सरकारी परियोजनाओं में लापरवाही को लेकर पथ निर्माण विभाग ने सख्त कदम उठाया है। साहिबगंज जिले में पतना-हिरणपुर सड़क के निर्माण कार्य में कथित अनियमितता और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का मामला सामने आने के बाद विभाग ने चार अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई की है। जांच दल की रिपोर्ट में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने के बाद तीन अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। वहीं, इस काम से जुड़े एक कनीय अभियंता के सेवानिवृत्त हो जाने के कारण उनके खिलाफ झारखंड पेंशन नियमावली के तहत कार्रवाई करने का आदेश दिया गया है।

यह मामला पतना-हिरणपुर पथ के 0.00 से 17.50 किलोमीटर तक के निर्माण कार्य से जुड़ा है। निर्माण में अनियमितता और सामग्री की गुणवत्ता को लेकर सामने आई शिकायतों के बाद जांच कराई गई थी। जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने संबंधित अभियंताओं की जिम्मेदारी तय करते हुए कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई। इस कदम को सड़क निर्माण कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने और विभागीय जवाबदेही तय करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

पतना-हिरणपुर सड़क निर्माण में अनियमितता, जांच के बाद कार्रवाई

साहिबगंज जिले के पतना-हिरणपुर पथ के निर्माण कार्य में कथित गड़बड़ियों को लेकर पथ निर्माण विभाग ने कार्रवाई की है। इस सड़क की निर्धारित लंबाई 17.50 किलोमीटर है। जांच के दौरान निर्माण कार्य में अनियमितता और घटिया सामग्री के इस्तेमाल से संबंधित मामला सामने आया। इसके बाद जांच दल की रिपोर्ट में चार अभियंताओं को प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया।

रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने तीन कार्यरत अभियंताओं को निलंबित करने का निर्णय लिया। चौथे अभियंता राम दयाल मंडल सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इसलिए उनके खिलाफ सामान्य निलंबन की कार्रवाई के बजाय पेंशन नियमावली के तहत विभागीय कार्रवाई की जाएगी।

सरकारी निर्माण परियोजनाओं में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए तकनीकी निगरानी और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी अहम होती है। ऐसे में सड़क निर्माण में अनियमितता सामने आने पर विभागीय स्तर पर जवाबदेही तय करना जरूरी माना जाता है। हालांकि, मामले में जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर प्रथम दृष्टया दोष निर्धारित किया गया है। अंतिम विभागीय कार्रवाई का परिणाम संबंधित प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा।

अजय कुमार समेत तीन अभियंता निलंबित

पथ निर्माण विभाग की कार्रवाई में साहिबगंज पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता अजय कुमार को निलंबित किया गया है। उन पर झारखंड सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2016 के तहत कार्रवाई की गई है। इसके अलावा राजमहल पथ अवर प्रमंडल में तैनात सहायक अभियंता रामजीवन पासवान को भी निलंबित कर दिया गया है। राजमहल पथ प्रशाखा के कनीय अभियंता शत्रुध्न प्रसाद राय के खिलाफ भी तत्काल प्रभाव से निलंबन का आदेश जारी किया गया है।

इन तीनों अभियंताओं पर कार्रवाई पतना-हिरणपुर सड़क निर्माण में सामने आई कथित अनियमितताओं के मामले में की गई है। जांच दल की रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कदम उठाया है। निलंबन के बाद तीनों अभियंताओं को विभागीय आदेश में निर्धारित नियमों का पालन करना होगा।

सेवानिवृत्त अभियंता राम दयाल मंडल पर पेंशन नियमावली के तहत कार्रवाई

इस मामले में बरहरवा-1 पथ प्रशाखा के कनीय अभियंता राम दयाल मंडल भी जांच के दायरे में आए हैं। हालांकि, वह सेवानिवृत्त हो चुके हैं। ऐसे में उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई नहीं की जाएगी। विभाग ने उनके मामले में झारखंड पेंशन नियमावली के नियम 43(बी) के तहत कार्रवाई करने का आदेश दिया है।

सेवानिवृत्त सरकारी कर्मियों के मामलों में लागू नियमों के अनुसार विभागीय कार्रवाई की प्रक्रिया अलग हो सकती है। इसी आधार पर राम दयाल मंडल के खिलाफ पेंशन नियमावली के तहत कदम उठाया जाएगा। इस मामले में आगे की कार्रवाई संबंधित विभागीय प्रक्रिया के अनुरूप होगी।
चार अभियंताओं के खिलाफ की गई कार्रवाई से स्पष्ट है कि विभाग ने निर्माण कार्य में कथित अनियमितता के मामले को गंभीरता से लिया है। हालांकि, संबंधित अभियंताओं के खिलाफ अंतिम निष्कर्ष विभागीय जांच और निर्धारित प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।

निलंबन अवधि में मिलेगा केवल जीवन निर्वाह भत्ता

पथ निर्माण विभाग की ओर से जारी अधिसूचना में निलंबन अवधि के दौरान लागू व्यवस्थाओं का भी उल्लेख किया गया है। इसके अनुसार, निलंबित अभियंताओं को इस अवधि में केवल जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। इसके अतिरिक्त अन्य सुविधाएं उपलब्ध नहीं होंगी।

अधिसूचना के मुताबिक, निलंबित किए गए सभी अभियंताओं का मुख्यालय निलंबन अवधि के दौरान रांची स्थित पथ निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता (यातायात) के कार्यालय में निर्धारित किया गया है। इसका अर्थ है कि निलंबन की अवधि में संबंधित अभियंताओं का मुख्यालय इसी कार्यालय में रहेगा। सक्षम स्तर से अनुमोदन मिलने के बाद सरकार के संयुक्त सचिव ने इस संबंध में आधिकारिक आदेश जारी किया है। आदेश के जरिए निलंबन और मुख्यालय निर्धारण की प्रक्रिया को औपचारिक रूप दिया गया है।

सड़क निर्माण की गुणवत्ता और विभागीय जवाबदेही पर जोर

साहिबगंज के पतना-हिरणपुर पथ का मामला झारखंड में सरकारी सड़क परियोजनाओं की गुणवत्ता और निगरानी से जुड़ा है। निर्माण कार्य में कथित अनियमितता सामने आने के बाद विभाग ने संबंधित अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई की है। अब मामले में आगे की विभागीय प्रक्रिया के तहत जिम्मेदारियों और नियमों के उल्लंघन से जुड़े पहलुओं की जांच की जाएगी।

तीन अभियंताओं का निलंबन और सेवानिवृत्त अभियंता के खिलाफ पेंशन नियमावली के तहत कार्रवाई का आदेश इस मामले के प्रमुख घटनाक्रम हैं। विभागीय कार्रवाई के बाद यह भी महत्वपूर्ण होगा कि सड़क निर्माण की गुणवत्ता से जुड़े निष्कर्षों के आधार पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।

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