
रांची : झारखंड की राजधानी रांची से हवाई सफर करने वाले यात्रियों के लिए आने वाले दिनों में एयरपोर्ट पर इंतजार करना पहले से ज्यादा सुविधाजनक हो सकता है। बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए टर्मिनल की मौजूदा व्यवस्था में बड़े बदलाव की तैयारी है। योजना के तहत सुरक्षा जांच पूरी करने के बाद विमान में सवार होने का इंतजार करने वाले यात्रियों के लिए अधिक जगह उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया है। घरेलू यात्रियों के प्रतीक्षा क्षेत्र का विस्तार कर इसे 6,480 वर्गमीटर करने का प्रस्ताव है। इससे व्यस्त समय में यात्रियों को संभालने की क्षमता करीब 950 से बढ़ाकर 2,160 करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके अलावा, विमानों की आवाजाही और पार्किंग की सुविधा बेहतर बनाने के लिए भी कई प्रस्ताव शामिल किए गए हैं।
रांची एयरपोर्ट पर बढ़ती भीड़ से निपटने की तैयारी
बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर यात्रियों की बढ़ती संख्या के कारण टर्मिनल की सुविधाओं को बेहतर बनाने की जरूरत महसूस की जा रही है। खासकर उड़ानों के प्रस्थान से पहले सुरक्षा जांच पूरी कर चुके यात्रियों को बैठने और इंतजार करने के लिए पर्याप्त जगह उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए टर्मिनल भवन की मौजूदा व्यवस्था में बदलाव करने की योजना बनाई गई है।
नागरिक उड्डयन मंत्रालय से मिली जानकारी के मुताबिक, प्रस्तावित योजना के तहत व्यस्त समय में यात्रियों को संभालने की क्षमता 2,160 तक पहुंचाने का लक्ष्य है। फिलहाल यह क्षमता करीब 950 यात्रियों की बताई गई है। इस बदलाव से एयरपोर्ट को एक साथ अधिक यात्रियों की आवाजाही व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, यह विस्तार योजना का लक्ष्य है। इसे पूरा करने की समयसीमा और काम शुरू होने की तारीख की जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।
6,480 वर्गमीटर में फैलेगा यात्रियों का प्रतीक्षा क्षेत्र
एयरपोर्ट के विस्तार प्रस्ताव में सबसे अहम बदलाव घरेलू सुरक्षा प्रतीक्षा क्षेत्र को बड़ा करना है। फिलहाल इस क्षेत्र को बढ़ाकर 6,480 वर्गमीटर करने की योजना है। सुरक्षा जांच के बाद यात्री इसी हिस्से में बैठकर अपनी उड़ान का इंतजार करते हैं।
उड़ानों के समय में अंतर कम होने पर कई विमानों के यात्री एक साथ इस क्षेत्र में पहुंच सकते हैं। ऐसी स्थिति में बैठने की जगह और लोगों की आवाजाही को व्यवस्थित रखना चुनौतीपूर्ण हो जाता है। प्रतीक्षा क्षेत्र का विस्तार होने से यात्रियों को अधिक जगह मिलने की उम्मीद है।
इसका लाभ बुजुर्गों, बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों और विशेष सहायता की जरूरत वाले यात्रियों को भी मिल सकता है। उड़ान में देरी होने पर यात्रियों को लंबे समय तक एयरपोर्ट पर रुकना पड़ता है। ऐसे में बैठने की बेहतर व्यवस्था और पर्याप्त जगह उनकी परेशानी कम कर सकती है।
एक महीने में लगीं 100 नई कुर्सियां
टर्मिनल की सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए हाल में भी कुछ कदम उठाए गए हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पिछले एक महीने में एयरपोर्ट के टर्मिनल में 100 नई कुर्सियां लगाई गई हैं। टर्मिनल में किए गए बदलावों से बैठने की क्षमता में करीब 150 यात्रियों का इजाफा हुआ है।
विमानों की आवाजाही के लिए भी बढ़ेंगी सुविधाएं
रांची एयरपोर्ट की प्रस्तावित योजना में यात्रियों की सुविधाओं के साथ विमान परिचालन से जुड़े ढांचे को मजबूत करने पर भी ध्यान दिया गया है। इसके तहत समानांतर टैक्सी ट्रैक, रैपिड एग्जिट टैक्सीवे और दो अतिरिक्त विमान पार्किंग एप्रन शामिल हैं।
टैक्सी ट्रैक का इस्तेमाल विमान को हवाई पट्टी और अन्य परिचालन क्षेत्रों के बीच ले जाने के लिए किया जाता है। रैपिड एग्जिट टैक्सीवे से उतरने के बाद विमान को मुख्य हवाई पट्टी से जल्दी बाहर निकलने में मदद मिल सकती है। इससे विमानों की आवाजाही को अधिक व्यवस्थित बनाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।
वहीं, दो अतिरिक्त पार्किंग एप्रन विकसित करने से विमानों को खड़ा करने के लिए अतिरिक्त जगह उपलब्ध हो सकती है। इन सुविधाओं का उद्देश्य एयरपोर्ट के परिचालन ढांचे को भविष्य की यात्री मांग के अनुरूप तैयार करना है। हालांकि, प्रस्तावित सुविधाओं के निर्माण और इनके शुरू होने की समयसीमा की पुष्टि उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।

