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Chaibasa News : चाईबासा में वाहन खरीद के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी : शंकराचार्य मोटर्स के तीन कर्मचारी बर्खास्त, मामला दर्ज

by Rajeshwar Pandey
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चाईबासा : झारखंड के पश्चिम सिंहभूम जिला मुख्यालय चाईबासा स्थित गितिलिपी के प्रमुख टाटा मोटर्स डीलर, शंकराचार्य मोटर्स में एक बड़ा वित्तीय फर्जीवाड़ा सामने आया है। कंपनी के साथ धोखाधड़ी करने के आरोप में इसके तीन कर्मियों के विरुद्ध मुफस्सिल थाने में नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। खास बात यह है कि ये तीनों आरोपी कर्मचारी पिछले चार महीने से अपनी ड्यूटी से नदारद हैं।

किन पर है आरोप और कितनी है राशि?

संस्थान के प्रतिनिधि महेश कुमार चौहान की ओर से दी गई लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। डीलर प्रबंधन के अनुसार, इस पूरी ठगी का कुल आंकड़ा 34 लाख 27 हजार रुपये से अधिक का है, जिसमें अलग-अलग कर्मियों की संलिप्तता इस प्रकार है।

विदेश राय (सेल्स मैनेजर)

इस पर सबसे अधिक 22 लाख 16 हजार रुपये की हेराफेरी का आरोप है। (पिता : विनय राय, निवासी: जामियारा, बांकुड़ा, पश्चिम बंगाल।

अभिषेक कुमार सिंह (सेल्स रिप्रेजेंटेटिव)

इस पर 9 लाख 59 हजार रुपये की ठगी का मामला है। पिता : मोहन कुमार सिंह, निवासी: आदित्यपुर, सरायकेला-खरसावां निवासी है।

सद्गुरु पोद्दार / सूरज पोद्दार (सेल्स स्टाफ)

इस पर 2 लाख 52 हजार रुपये के गबन का आरोप है।

कैसे हुआ इस फर्जीवाड़े का खुलासा?

शिकायत में बताया गया है कि इन तीनों ने कंपनी की आड़ में ग्राहकों से पुरानी गाड़ियां उपलब्ध कराने या नई गाड़ियों की बुकिंग के नाम पर सीधे अपने स्तर से नकदी व अन्य माध्यमों से पैसे वसूले, लेकिन इस लेनदेन की कोई भी जानकारी मुख्य डीलर प्रबंधन को नहीं दी।

इस अवैध गतिविधियों की भनक जब प्रबंधन को 14 मार्च 2026 को लगी, तो आंतरिक स्तर पर कर्मचारियों की मौजूदगी में एक गुप्त सत्यापन अभियान चलाया गया, जिसमें इस बड़े घोटाले की परतें खुलीं।

पुलिस जांच और फरार आरोपियों की तलाश

घोटाला उजागर होने के बाद से ही तीनों आरोपियों ने कंपनी के संपर्कों से दूरी बना ली, फोन स्विच ऑफ कर लिए और दफ्तर आना पूरी तरह बंद कर दिया। दूसरी ओर, जिन ग्राहकों से इन लोगों ने गाड़ियां दिलाने के नाम पर पैसे ऐंठे थे, वे अब कंपनी पर लगातार भुगतान वापस करने का दबाव बना रहे हैं।

प्रबंधन की शिकायत और प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर मुफस्सिल थाना पुलिस ने BNS की धारा 316(4), 318(4) और 61(2) के तहत केस दर्ज कर मामले की गहराई से छानबीन शुरू कर दी है। पुलिस दल फरार चल रहे तीनों कर्मचारियों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रहा है।

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