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Heart Disease Symptoms : सीढ़ियां चढ़ते ही फूलती है सांस? थकान समझकर टालना पड़ सकता है भारी

by Rakesh Pandey
health news jharkhand
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जमशेदपुर : सीढ़ियां चढ़ते समय सांस फूलना हमेशा सामान्य थकान नहीं होती। कई लोग इसे बढ़ते वजन या शारीरिक गतिविधि की कमी का असर समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन, थोड़ी दूर चलने या रोजमर्रा के काम करने में भी सांस लेने में परेशानी होने लगे, तो इसकी वजह जानना जरूरी है। बार-बार होने वाली यह शिकायत शरीर में किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत हो सकती है।

रोजमर्रा के काम में परेशानी बढ़े तो रहें सतर्क

शहर के जाने-माने हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. संतोष गुप्ता के अनुसार, तेज चलने, व्यायाम करने या कई मंजिल सीढ़ियां चढ़ने के बाद सांस की गति बढ़ सकती है। शारीरिक रूप से कम सक्रिय लोगों में यह परेशानी अधिक महसूस हो सकती है। हालांकि, सामान्य गतिविधियों के दौरान पहले की तुलना में ज्यादा सांस फूलना जांच की जरूरत बता सकता है।
उनके अनुसार, यदि एक मंजिल चढ़ने पर ही बार-बार रुकना पड़े या पहले आसानी से होने वाले काम अब मुश्किल लगने लगें, तो इस बदलाव को अनदेखा नहीं करना चाहिए।

केवल कमजोर फिटनेस नहीं होती वजह

सांस फूलने के पीछे अधिक वजन, शारीरिक सक्रियता की कमी और एनीमिया जैसे कारण हो सकते हैं। खून की कमी होने पर शरीर के विभिन्न हिस्सों तक पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचाने की क्षमता प्रभावित होती है। इससे कमजोरी और जल्दी थकान महसूस हो सकती है।
डॉ. संतोष गुप्ता के अनुसार, अस्थमा और फेफड़ों की पुरानी बीमारियां भी इसकी वजह बन सकती हैं। कुछ मामलों में मेहनत के दौरान सांस फूलना हृदय की कार्यक्षमता या रक्त आपूर्ति से जुड़ी समस्या का संकेत होता है। हालांकि, केवल सांस फूलने से किसी खास बीमारी की पुष्टि नहीं होती।

सीने में दर्द के साथ सांस फूले तो तुरंत लें मदद

अचानक गंभीर रूप से सांस फूलना या आराम करते समय भी सांस लेने में कठिनाई होना तत्काल ध्यान देने योग्य स्थिति है। इसके साथ सीने में दर्द, दबाव, बेहोशी, तेज चक्कर अथवा होंठ नीले पड़ने जैसे लक्षण हों, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।
उनके अनुसार, ऐसी परेशानी को केवल थकावट मानकर घर पर इंतजार करना उचित नहीं है।

लक्षणों के आधार पर होती है जांच

डॉ. संतोष गुप्ता के अनुसार, मरीज की पुरानी बीमारियों, लक्षणों और शारीरिक परीक्षण के आधार पर आवश्यक जांच तय होती है। जरूरत पड़ने पर खून की जांच, ईसीजी और हृदय या फेफड़ों से संबंधित अन्य परीक्षण कराए जा सकते हैं।

स्वस्थ दिनचर्या के साथ बदलाव पर रखें नजर

संतुलित भोजन, पर्याप्त नींद, धूम्रपान से दूरी और क्षमता के अनुसार नियमित गतिविधि स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद करती है। मधुमेह तथा उच्च रक्तचाप को नियंत्रित रखना भी जरूरी है। नई या बढ़ती परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लें, ताकि कारण पहचानकर उचित उपचार शुरू किया जा सके।

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