
चक्रधरपुर : दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर रेल मंडल अंतर्गत बंडामुंडा रेलवे यार्ड में बुधवार को देर रात आपातकालीन हूटर बजते ही हड़कंप मच गया। अवसर था, रेल दुर्घटना जैसी आपात परिस्थितियों से निपटने और विभागों की तत्परता को परखने के लिए आयोजित आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल का।
इस अभ्यास के तहत ट्रेन संख्या 08971 (जूनागढ़ रोड-पुरी स्पेशल) के पटरी से उतरने का एक काल्पनिक परिदृश्य तैयार किया गया था। परिदृश्य के अनुसार, इस घटना में लगभग 30 यात्रियों के घायल होने, 3 की स्थिति गंभीर होने तथा कुछ यात्रियों की मौत की काल्पनिक सूचना पर पूरे सिस्टम को एक्टिव किया गया।
हूटर बजते ही एक्शन में आईं टीमें
रात लगभग 2 बजे जैसे ही खतरे का हूटर बजा, चक्रधरपुर मंडल के विभिन्न विभागों के अधिकारी और कर्मचारी तुरंत मौके की ओर दौड़े। अभ्यास के दौरान निम्नलिखित विभागों एवं आपातकालीन सेवाओं ने समन्वय के साथ राहत कार्य संभाला।
तकनीकी व सुरक्षा टीमें
कैरिज एंड वैगन, इंजीनियरिंग विभाग, रेलवे सुरक्षा बल और राजकीय रेल पुलिस, बंडामुंडा रेलवे अस्पताल और राउरकेला से आई विशेष मेडिकल टीम,आग या अन्य आपातकालीन खतरों से निपटने हेतु फायर ब्रिगेड की उपस्थिति।
टीमों ने बोगियों में फंसे काल्पनिक घायलों को सुरक्षित बाहर निकालने, उन्हें तत्काल प्राथमिक उपचार देने और एम्बुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का सफलता पूर्वक अभ्यास किया।वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में मूल्यांकन
इस पूरे मॉक ड्रिल का जायजा लेने के लिए चक्रधरपुर के मंडल रेल प्रबंधक तरुण हुरिया सहित मंडल के कई वरिष्ठ अधिकारी स्वयं मौके पर उपस्थित रहे।
रेलवे का पक्ष
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के मॉक अभ्यास का मुख्य उद्देश्य आपात स्थिति के दौरान विभिन्न विभागों, मेडिकल टीमों और सुरक्षा बलों के बीच त्वरित प्रतिक्रिया (Response Time), बेहतर तालमेल और संसाधनों की क्रियाशीलता को परखना है, ताकि किसी वास्तविक दुर्घटना के समय यात्रियों को कम से कम समय में जीवनरक्षक सहायता पहुंचाई जा सके।

