
जमशेदपुर : टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क (टीएसजेडपी), जमशेदपुर में बाघ के तीन शावकों का जन्म हुआ है। इनमें दो मादा और एक नर है। इनका जन्म 23 सितंबर की सुबह चिड़ियाघर में रहने वाली बाघिन सुनैना से हुआ। इन शावकों के पिता रुद्र को नागपुर के गोरेवाड़ा रेस्क्यू सेंटर से टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क लाया गया था।
बाघ के तीनों शावकों का जन्म चिड़ियाघर और वहां आने वाले लोगों के लिए खुशी की बात है। तय नियमों के अनुसार, शावकों की शुरुआती देखभाल और निगरानी पूरी होने के बाद ही इसकी जानकारी दी जा रही है।
पहली बार मां बनी सुनैना से अनजाने में एक मादा बच्चे को चोट लग गई। चिड़ियाघर के डॉक्टरों ने तुरंत इलाज किया और घाव पर टांके लगाए। इसके बाद से बच्चे की हालत में सुधार हो रहा है। उसका वजन अभी लगभग 1.8 किलोग्राम है। फिलहाल वह खतरे से बाहर है, लेकिन डॉक्टर उसकी सेहत पर लगातार नजर रख रहे हैं।

बाकी दोनों बच्चे स्वस्थ हैं। नर बच्चे का वजन लगभग 2.9 किलोग्राम है, जबकि दूसरी मादा शावक का वजन करीब 2.53 किलोग्राम है।
डॉक्टर तीनों शावकों की सेहत की लगातार निगरानी कर रहे हैं। चिड़ियाघर के सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। उनकी सेहत और सुरक्षा के लिए सभी जरूरी सावधानियां बरती जा रही हैं।
नामकरण प्रतियोगिता : लोगों से बाघ के शावकों के नाम सुझाने की अपील
लोगों की भागीदारी बढ़ाने और जमशेदपुर के लोगों के साथ जुड़ाव मजबूत करने के लिए टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क ने बाघ के तीनों शावकों के नाम सुझाने के लिए लोगों को आमंत्रित किया है। लोगों से अपील की गई है कि वे तीनों शावकों के लिए एक-एक नाम सुझाएं और वाट्सएप या मैसेज के जरिए +91 9438291637 पर भेजें।
चिड़ियाघर की ओर से बनाई गई एक टीम तीन सबसे अच्छे सुझावों का चयन करेगी। चुने गए विजेताओं को चिड़ियाघर में निःशुल्क प्रवेश पास और एक स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया जाएगा।
नाम भेजने की आखिरी तारीख : 19 अक्टूबर, 2026
टाटा स्टील जूलॉजिकल पार्क को उम्मीद है कि जमशेदपुर के लोग बाघ परिवार के नए सदस्यों के नामकरण में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेंगे। इस पहल के जरिए लोगों को वन्यजीवों के संरक्षण से जुड़ने और चिड़ियाघर के इस खास पल का हिस्सा बनने का मौका मिलेगा।

