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Anti-riot mock drill : दुर्गा पूजा से पहले अलर्ट मोड में चाईबासा पुलिस, पुलिस लाइन में दंगा रोधी मॉक ड्रिल; भीड़ नियंत्रण का किया अभ्यास

आंसू गैस के गोले छोड़ने, लाठीचार्ज और उपद्रवियों से निपटने की रणनीति का पूर्वाभ्यास, जवानों की तत्परता और आपसी समन्वय को परखा

by Hari Shankar Gope
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चाईबासा : आगामी दुर्गा पूजा एवं अन्य त्योहारों के दौरान जिले में विधि-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी आपातकालीन स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए पश्चिमी सिंहभूम जिला पुलिस ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिला मुख्यालय चाईबासा स्थित पुलिस लाइन में एंटी-रायट (दंगा रोधी) मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इसमें पुलिस जवानों की तत्परता, मुस्तैदी, अनुशासन और आपसी समन्वय का अभ्यास किया गया, ताकि किसी भी संभावित उपद्रव या अप्रिय घटना की स्थिति में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

मॉक ड्रिल के दौरान पुलिसकर्मियों को भीड़ नियंत्रण, दंगा रोधी उपकरणों के इस्तेमाल, आंसू गैस के गोले छोड़ने तथा विषम परिस्थितियों में संयम और सूझबूझ के साथ कानून-व्यवस्था संभालने का प्रशिक्षण दिया गया। जवानों ने भीड़ के उग्र होने की स्थिति में चरणबद्ध तरीके से चेतावनी देने, आवश्यकतानुसार बल प्रयोग करने और परिस्थिति के अनुरूप कार्रवाई करने का पूर्वाभ्यास किया।

अभ्यास के दौरान फॉर्मेशन बनाकर भीड़ को नियंत्रित करने, उपद्रवियों को घेरने तथा भीड़ को सुरक्षित तरीके से तितर-बितर करने की रणनीति पर भी जोर दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने जवानों को निर्देश दिया कि किसी भी संवेदनशील परिस्थिति में आपसी तालमेल, अनुशासन और संयम बनाए रखते हुए निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई करें।

त्योहारों को लेकर पुलिस की विशेष तैयारी

आगामी दुर्गा पूजा और अन्य त्योहारों के दौरान विभिन्न पूजा पंडालों एवं सार्वजनिक स्थलों पर श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ने की संभावना रहती है। ऐसे में शांति व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी अप्रिय स्थिति से तत्काल निपटना पुलिस प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य से पुलिस बल को पहले से तैयार रखने के लिए इस तरह के अभ्यास आयोजित किए जा रहे हैं।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मॉक ड्रिल के माध्यम से जवानों की शारीरिक एवं मानसिक तैयारी, त्वरित निर्णय लेने की क्षमता और आपातकालीन परिस्थितियों में कार्रवाई करने की दक्षता को परखा जाता है। इससे जवानों का आत्मविश्वास बढ़ने के साथ-साथ सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूत करने में मदद मिलती है।

इस अभ्यास में जिला पुलिस बल, दंगा निरोधी दस्ता और पुलिस के वरीय अधिकारी शामिल रहे। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया कि जिले में शांति, सुरक्षा और विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए इस तरह के अभ्यास आगे भी जारी रहेंगे।

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