
लोहरदगा: झारखंड के लोहरदगा जिले में स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय किस्को में छात्रा सुनीता कुमारी की संदिग्ध मौत ने पूरी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दर्दनाक घटना के बाद नींद से जागा जिला प्रशासन अब हरकत में आया है। बुधवार को आला अधिकारियों की एक उच्चस्तरीय जांच टीम मामले की तह तक पहुंचने के लिए विद्यालय परिसर पहुंची।
एसडीओ अमित कुमार और एसडीपीओ श्रद्धा केरकेट्टा के नेतृत्व में पहुंची इस टीम ने स्कूल की वार्डन, शिक्षकों और कर्मचारियों से अलग-अलग पूछताछ की और घटना से जुड़े दस्तावेज खंगाले।
अचानक क्यों बुलाए गए अभिभावक
जैसे ही प्रशासनिक अधिकारियों के आने की खबर मिली, स्कूल प्रबंधन में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में उन छात्राओं के माता-पिता को फोन कर बुलाया गया जिनकी तबियत खराब थी। स्कूल के मुख्य द्वार पर अपनी बारी का इंतजार कर रहे परिजनों के चेहरे पर गुस्सा और लाचारी साफ दिखाई दे रही थी।
अभिभावकों का आरोप है कि आम दिनों में उन्हें महीने में सिर्फ दो रविवार ही अपनी बेटियों से मिलने दिया जाता है। ताज्जुब की बात यह है कि जब बच्चियां बीमार पड़ती हैं, तब भी परिवार वालों को न तो सूचना दी जाती है और न ही फोन पर बात कराई जाती है। परिजनों का कहना है कि बुधवार को भी उन्हें सिर्फ इसलिए बुलाया गया ताकि जांच टीम के सामने सब कुछ सामान्य दिखाया जा सके।
अस्पताल पहुंचीं कई बच्चियां, सैंपल लिए गए
परिजनों ने स्कूल में बच्चियों की सुरक्षा और रखरखाव को लेकर गंभीर चिंता जताई है। दूसरी ओर, बुधवार को ही विद्यालय की कई अन्य छात्राओं की तबीयत बिगड़ने पर उन्हें किस्को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया। डॉक्टरों की टीम ने सभी बच्चियों के स्वास्थ्य की जांच की और जरूरी सैंपल इकट्ठे किए।
फिलहाल, प्रशासनिक जांच जारी है और हर कोई अब जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है ताकि मासूम छात्रा की मौत की असली वजह सामने आ सके।

