
Jamshedpur : टाटा स्टील में जनरल शिफ्ट की टाइमिंग में बदलाव को लेकर गुरुवार से 50 प्रतिशत कर्मचारियों पर ट्रायल शुरू किया गया है। इसके तहत अलग-अलग समय पर चलने वाली शिफ्ट को मिलाकर एक समान समय निर्धारित करने की योजना है। ट्रायल के दौरान आने वाली समस्याओं की समीक्षा के बाद प्रबंधन अंतिम निर्णय लेगा।
इससे पहले बुधवार को टाटा वर्कर्स यूनियन के पदाधिकारियों, सुरक्षा विभाग और एचआर के अधिकारियों ने कंपनी के विभिन्न गेटों का दौरा किया। इस दौरान नई टाइमिंग लागू होने पर कर्मचारियों को होने वाली संभावित परेशानियों और उनके समाधान पर चर्चा की गयी।
प्रस्ताव के अनुसार, ई और डी-1 शिफ्ट को सफलतापूर्वक बंद करने के बाद अब डी शिफ्ट (सुबह 8 से शाम 5 बजे) और एल शिफ्ट (सुबह 9 से शाम 5 बजे) को डब्ल्यू-1 शिफ्ट (सुबह 8:30 से शाम 5:30 बजे) में समाहित करने की योजना है। नयी व्यवस्था में दोपहर 1 से 2 बजे तक लंच ब्रेक रहेगा, जबकि सुरक्षा संबंधी टाइमिंग दोपहर 2:30 बजे तक मान्य होगी। योजना के मुताबिक, एक नवंबर से सभी कर्मचारियों की जनरल शिफ्ट का समय एक समान किया जा सकता है।
टीएमएच में ओपीडी का समय बढ़ाने की मांग
शिफ्ट की टाइमिंग में बदलाव को लेकर कर्मचारियों ने अपनी चिंताएं भी जाहिर की हैं। कई कर्मचारियों का कहना है कि ड्यूटी समाप्त होने के बाद वे टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) जाकर चिकित्सकों से परामर्श लेते थे। फिलहाल अस्पताल की ओपीडी शाम 6 बजे तक चलती है। ऐसे में शाम 5:30 बजे शिफ्ट समाप्त होने के बाद अस्पताल पहुंचकर समय पर इलाज कराना मुश्किल हो सकता है। कर्मचारियों ने इस समस्या को देखते हुए टीएमएच की ओपीडी का समय बढ़ाने की मांग की है।
ट्रायल पूरा होने के बाद सामने आने वाली समस्याओं पर बैठक में चर्चा की जायेगी। इसके बाद ही नयी व्यवस्था को लेकर अंतिम फैसला लिया जाएगा।

