
धनबाद : कोयलांचल धनबाद में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। वन्यजीवों के अंगों और खाल की अवैध खरीद-बिक्री करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश करते हुए वन विभाग की टीम ने तीन लोगों को दबोच लिया है। आरोपियों के पास से जानवरों के नाखून,खाल और कई अन्य संदिग्ध सामान बरामद किए गए हैं, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है।
ऐसे खुला तस्करी का राज
धनबाद जैसे व्यस्त और औद्योगिक क्षेत्र में जंगली जानवरों के अंगों की तस्करी की सूचना मिलने के बाद से ही वन विभाग सतर्क था। गोपनीय इनपुट के आधार पर विभाग ने जाल बिछाया और इस अवैध कारोबार में लिप्त पाए गए तीन तस्करों को धर दबोचा। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि ये लोग लंबे समय से वन्यजीवों के अवशेषों की खरीद-फरोख्त के धंधे में संलिप्त थे।
इस बड़ी कार्रवाई की पुष्टि करते हुए धनबाद के वन प्रमंडल पदाधिकारी विकास पालीवाल ने बताया कि वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत आरोपियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है। विभाग अब इस बात की बारीकी से जांच कर रहा है कि बरामद किए गए अंग किस जानवर के हैं, इन्हें कहां से लाया गया था और आगे इन्हें किसे सप्लाई किया जाना था।
वन्यजीव संरक्षण पर उठे सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद कोयलांचल में पर्यावरण प्रेमियों और वन्यजीव संरक्षकों के बीच चिंता की लहर दौड़ गई है। लोगों का कहना है कि शहरी और औद्योगिक इलाकों में इस तरह का अवैध कारोबार वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। हालांकि, समय रहते वन विभाग द्वारा की गई यह ताबड़तोड़ कार्रवाई इस काले धंधे पर लगाम लगाने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।
वन प्रमंडल कार्यालय नावाडीह में डीएफओ विकास पालीवाल ने एक प्रेस वार्ता कर इस तस्करी से जुड़े तमाम पहलुओं, गिरफ्तारियों और आगे की कानूनी कार्रवाई के बारे में विस्तार से जानकारी साझा की है। विभाग का कहना है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य चेहरों को भी जल्द बेनकाब किया जाएगा।

