
रांची: रांची सिविल कोर्ट में 16 अक्टूबर से 17 नवंबर 2026 तक वार्षिक अवकाश रहेगा। इस दौरान अदालतों में नियमित कामकाज प्रभावित होने के बावजूद जरूरी आपराधिक मामलों की सुनवाई के लिए न्यायिक व्यवस्था जारी रहेगी। इसके लिए न्यायिक अधिकारियों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है और प्रभार वाले न्यायालयों की जिम्मेदारियां भी निर्धारित की गई हैं। रांची सिविल कोर्ट के प्रधान न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा ने इस संबंध में आदेश जारी किया है।
अधिकारियों को सौंपी गईं जिम्मेदारियां
वार्षिक अवकाश के दौरान आपराधिक मामलों में जरूरी न्यायिक कार्रवाई बाधित न हो, इसके लिए अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित व्यवस्था के अनुसार ही न्यायालयों का कामकाज संचालित किया जाएगा। सभी संबंधित न्यायिक अधिकारियों को निर्देशों का सख्ती से पालन करने को कहा गया है।
अवकाश के दौरान जरूरी मामलों की होगी सुनवाई
रांची सिविल कोर्ट में वार्षिक अवकाश की अवधि 16 अक्टूबर से शुरू होकर 17 नवंबर 2026 तक रहेगी। इस दौरान आपराधिक न्यायालयों में केवल अति-आवश्यक मामलों के निष्पादन के लिए विशेष व्यवस्था लागू रहेगी। इसके तहत न्यायिक अधिकारियों की ड्यूटी और प्रभार वाले न्यायालयों की जिम्मेदारियां तय की गई हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जरूरी आपराधिक मामलों में आवश्यक कार्रवाई के लिए न्यायालय की व्यवस्था उपलब्ध रहे। हालांकि, अवकाश की अवधि में किन-किन मामलों को अति-आवश्यक श्रेणी में रखा जाएगा, इसकी विस्तृत सूची उपलब्ध जानकारी में नहीं दी गई है।
तैनात अधिकारी की अनुपस्थिति में कौन संभालेगा काम?
आदेश के अनुसार, यदि रोस्टर ड्यूटी पर तैनात किसी न्यायिक अधिकारी को आपातकालीन अवकाश मिलता है, तो उनके प्रभार वाले न्यायालय के अधिकारी संबंधित जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे। इस व्यवस्था के तहत अधिकारी की अनुपस्थिति में न्यायिक कार्यों को संभालने की जिम्मेदारी पहले से निर्धारित प्रभार व्यवस्था के अनुसार पूरी की जाएगी।
अप्रत्याशित स्थिति के लिए भी की गई व्यवस्था
किसी अप्रत्याशित परिस्थिति में यदि अतिरिक्त जिम्मेदारी निभाने की जरूरत पड़ती है, तो स्टेशन पर उपलब्ध वरिष्ठतम न्यायिक मजिस्ट्रेट को इसकी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। वरिष्ठतम न्यायिक मजिस्ट्रेट अपने नियमित कार्यों के साथ-साथ आवश्यकतानुसार अन्य कार्यों का भी निष्पादन करेंगे। इस तरह अवकाश के दौरान न्यायिक अधिकारियों की अनुपलब्धता की स्थिति में कामकाज जारी रखने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था निर्धारित की गई है।
मुख्यालय छोड़ने से पहले देनी होगी जानकारी
वार्षिक अवकाश के दौरान न्यायिक अधिकारियों के मुख्यालय छोड़ने को लेकर भी निर्देश जारी किए गए हैं। सिविल जज (वरिष्ठ एवं कनिष्ठ श्रेणी) संवर्ग के अधिकारियों को स्टेशन छोड़ने की अनुमति लेने से पहले यह प्रमाणपत्र देना होगा कि सभी त्रैमासिक और मासिक विवरणियों से संबंधित अनुपालन पूरा कर लिया गया है। इसके अतिरिक्त, सभी न्यायिक अधिकारियों को मुख्यालय छोड़ने से पहले अपना पता और चालू मोबाइल नंबर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। इससे जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों से संपर्क किया जा सकेगा। आदेश में निर्धारित सभी प्रक्रियाओं का पालन करना अनिवार्य किया गया है।
प्रधान न्यायायुक्त ने जारी किया आदेश
रांची सिविल कोर्ट के प्रधान न्यायायुक्त अनिल कुमार मिश्रा की ओर से जारी आदेश में वार्षिक अवकाश के दौरान न्यायिक कार्यों के संचालन से जुड़े विभिन्न बिंदुओं को स्पष्ट किया गया है। इसमें विशेष ड्यूटी, प्रभार वाले न्यायालयों की जिम्मेदारी, आपातकालीन अवकाश की स्थिति और मुख्यालय छोड़ने से पहले पूरी की जाने वाली औपचारिकताओं का उल्लेख है।

