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जमशेदपुर में मजदूरों का शोषण और स्थानीय युवाओं की उपेक्षा, बंटी सिंह ने JLKM अध्यक्ष जयराम महतो को लिखा पत्र, हस्तक्षेप की मांग

टाटा मोटर्स द्वारा निलंबित मजदूर बंटी सिंह ने उठाया गंभीर मुद्दा, औद्योगिक क्षेत्रों में अनुबंध प्रथा और श्रमिक अधिकारों के हनन का लगाया आरोप।

by Arvind Shrivastava
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Jamshedpur : झारखंड के प्रमुख औद्योगिक शहर जमशेदपुर में कंपनियों द्वारा कथित तौर पर मजदूरों के शोषण, स्थानीय युवाओं को रोजगार से वंचित रखने और उनके अधिकारों के हनन मामले का आरोप अब तूल पकड़ने लगा है। टाटा मोटर्स द्वारा निलंबित मजदूर और श्रमिक-युवा अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाले बंटी कुमार सिंह (बंटी सिंह) ने झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के केंद्रीय अध्यक्ष जयराम महतो को एक पत्र लिखकर इस गंभीर विषय पर हस्तक्षेप करने और सहयोग प्रदान करने का आग्रह किया है।

पत्र में उठाए गए मुख्य बिंदु :

  • श्रमिकों और युवाओं का आर्थिक व मानसिक शोषण : पत्र के माध्यम से यह रेखांकित किया गया है कि जमशेदपुर और उसके आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत कंपनियों में मजदूरों का लगातार शोषण हो रहा है। उन्हें उनके संवैधानिक व श्रम संबंधी अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है और काम के अनुसार उचित वेतन भी नहीं दिया जा रहा है।
  • ठेका प्रथा और रोजगार की असुरक्षा : कई स्थानों पर ठेका प्रथा के माध्यम से मजदूरों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है, रोजगार की असुरक्षा बनी हुई है और उनकी वास्तविक समस्याओं को उचित मंच पर उठाने से रोका जा रहा है। इसके अलावा, प्रबंधन के प्रभाव के कारण मजदूर संगठनों के स्वतंत्र कामकाज पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
  • स्थानीय युवाओं की उपेक्षा : पत्र में इस बात पर जोर दिया गया है कि जमशेदपुर की पहचान देश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में होती है, इसलिए यहां के स्थानीय युवाओं को सम्मानजनक रोजगार मिलना चाहिए तथा कंपनियों में योगदान देने वाले मजदूरों को उचित वेतन व सुरक्षित कार्यस्थल मिलना चाहिए।
  • JLKM अध्यक्ष से सहयोग की उम्मीद : बंटी सिंह ने जयराम महतो से आग्रह किया है कि वे मजदूरों और युवाओं की इन गंभीर समस्याओं को समझते हुए जमशेदपुर आएं, जिससे इस संघर्ष को नई शक्ति मिले और इन मुद्दों को व्यापक स्तर पर उठाया जा सके। उन्होंने स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देने, ठेका मजदूरों के शोषण पर रोक लगाने और एक मजबूत व लोकतांत्रिक आंदोलन खड़ा करने की अपील की है ताकि संबंधित प्रबंधन और प्रशासन तक मजदूरों की आवाज मजबूती से पहुंच सके।

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