वेदर डेस्क, नई दिल्ली : देश के कई राज्यों में बारिश जारी है। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली में मची तबाही के बाद अब उत्तर प्रदेश के भी कुछ जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। गाजियाबाद के कई गांवों में बाढ़ का पानी घुस आया है। साहिबाबाद के पचरा और बदरपुर गांव के 100 से ज्यादा परिवार अपना समान लेकर सड़क पर आ गए हैं। यमुना नदी का पानी लगातार इन गांवों में जा रहा है। जिसके कारण इन गांवों में बिजली काट दी गई है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।
कौशांबी, वैशाली, वसुंधरा व इंदिरापुरम क्षेत्रों में बिजली बीते कई घंटों से गुल है। हालांकि, इसी बीच एक अच्छी खबर यह है कि यमुना नदी का जलस्तर घटा है। हालांकि, प्रशासन का कहना है कि अभी संकट टला नहीं है। दिल्ली में जलभराव को लेकर पुलिस ने ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है ताकि लोगों को कम से कम परेशानी का सामना करना पड़े। एडवाइजरी में बताया गया है कि विकास मार्ग से आईटीओ की ओर जाने वाले मार्ग पर यातायात प्रभावित है।
ऐसे में इस मार्ग से यात्रा करने से बचें। लोगों को सलाह दी गई है कि अक्षरधाम-निजामुद्दीन-आईटीओ के रास्ते नेशनल हाइवे 24 से यात्रा कर सकते हैं।
हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड में यह है स्थिति
फिलहाल हिमाचल प्रदेश व उत्तराखंड में जोरदार बारिश थमी हुई है लेकिन मौसम विभाग के अनुसार, वर्षा होने की आशंका बनी हुई है। इसी बीच, मदद व राहत का कार्य जोर-शोर से चल रहा है। बारिश थमने से बाहर से आएं पर्यटकों ने भी राहत की सांस ली है। अब वे अपने-अपने घर लौट रहे हैं। वहीं, नेशनल हाइवे पर लगी जाम भी हट गया है।
झारखंड में सुखाड़ जैसी स्थिति
इधर, झारखंड में सुखाड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। यहां औसत से काफी कम बारिश हुई है, जिससे सभी चिंतित है। सबसे ज्यादा किसान परेशान हैं। उनका कहना है कि अगर, 20 जुलाई तक बारिश नहीं हुई तो फिर वे धान की खेती नहीं कर पाएंगे। ऐसे में उनको भारी नुकसान होगा।
मौसम विभाग के अनुसार, झारखंड राज्य में अभी तक सिर्फ 174.6 एमएम बारिश हुई है। जबकि अभी तक 326 एमएम बारिश होनी चाहिए। कई जिलों में तो काफी कम बारिश हुई है। इनमें चतरा, धनबाद सहित अन्य जिले शामिल हैं। हालांकि, मौसम विभाग का कहना है कि 16 जुलाई से झारखंड में अच्छी बारिश होने की संभावना है।

