मुंबई: पिछले कुछ सालों में शेयर मार्केट को लेकर लोगों में क्रेज बढ़ा है। यहां से सबसे अधिक रिटर्न मिलने की उम्मीद रहती है। यही वजह है कि तमाम लोग इसमें अपना पैसा इन्वेस्ट करते हैं और मुनाफा कमाने की अपेक्षा रखते हैं।
हालांकि शेयर मार्केट को जोखिम से भरा माना जाता है। इसमें जितनी तेजी से मुनाफा कमाया जाता है, उसी तेजी से आपको नुकसान भी हो सकता है । ऐसे में यह आवश्यक है कि आप स्टॉक मार्केट की दुनिया में कदम रखने से पहले इसे लेकर पर्याप्त स्टडी कर लें। स्टॉक मार्केट की दुनिया में आपने IPO का जिक्र जरूर सुना होगा। तमाम कंपनियां अपने IPO को समय-समय पर जारी करती हैं, लोग इसमें अपना पैसा लगाते हैं। ऐसे में आज हम आप को IPO के बारे में डिटेल में बताने जा रहे हैं।
जानिए IPO क्या होता है:
IPO (Initial Public Offering) एक प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से किसी निजी कंपनी या संगठन की पहली पूंजीगत कमाई प्राप्त की जाती है। IPO के माध्यम से, कंपनी निजी स्थानीय बाजार में अपने शेयर या सभांशों को बेचती है ताकि विद्यमान स्थानीय पूंजी को जनता से एकत्रित किया जा सके। IPO कंपनी को अधिक पूंजी आपूर्ति और नए कारोबार करने की संभावनाएं प्रदान करता है।
IPO की व्यापक सूचना के साथ-साथ भारत में किसी विशेष कंपनी के IPO का जानकारी ज्ञात नहीं होती है, क्योंकि IPO की अधिसूचना नियमों के अनुसार होती है और यह बातें बदल सकती हैं।
IPO कई प्रकार के हो सकते हैं, यहां हम कुछ के बारे में बता रहे हैं:
1. पूर्ण IPO: इसमें कंपनी नई होती है और वह अपने सभी शेयरों को बेचती है। यहां तक कि कंपनी शेयरों का वितरण भी कर सकती है।
2. भागीदारों का ऑफर (Offer for Sale): ऐसे IPO में, मौजूदा स्टेकहोल्डर अपने शेयरों का नवीकरण करने के लिए उन्हें बेचते हैं। कंपनी को यहां कोई नई पूंजी नहीं मिलती है, बल्कि मौजूदा स्टेकहोल्डर को नवीकरण का लाभ मिलता है।
3. ब्याज के साथ IPO (IPO with Greenshoe Option): इस प्रकार के IPO में, कंपनी अपरिगणित आपूर्ति (over-allotment) के माध्यम से अधिक शेयर बेच सकती है। इस प्रकार के IPO में पारंपरिक वित्तीय संस्था एक विशेष सौदा पर्ची (greenshoe option) रखती है जिसके आधार पर वे नवीनीकृत शेयर खरीद सकते हैं।
4. विलयन (Merger) या आपात में IPO: ये IPO उन कंपनियों के लिए होते हैं जो और किसी कंपनी के साथ मर्जर करना चाहती हैं या अपने कारोबार के वजह से आपातकालीन स्थिति में होती हैं।
5. नवीनीकरण बाजार (Secondary Market IPO): इसमें कंपनी के सभी या कुछ शेयर पुनर्प्राप्त किए जाते हैं और वे विद्यमान बाजार में फिर से बेच दिए जाते हैं। इसमें कंपनी को कोई नई पूंजी नहीं मिलती है, बल्कि मौजूदा स्टेकहोल्डर को नवीकरण का लाभ मिलता है।
आईपीओ में कैसे करें निवेश
शेयर मार्केट के जानकार, सीए राजीव कुमार बताते हैं कि आईपीओ में निवेश करने के लिए आपके पास डीमैट अकाउंट का होना बहुत जरूरी है। डीमैट अकाउंट आप किसी भी ब्रोकिंग फर्म से खोल सकते हैं। आईपीओ जारी करने वाली कंपनी अपने आईपीओ को इनवेस्टर्स के लिए 3-10 दिनों के लिए ओपन करती है। उतने दिनों के अंदर ही निवेशक कंपनी की साइट पर जाकर या ब्रोकरेज फर्म की मदद से इन्वेस्ट कर सकते हैं।
इन दो कंपनियों का IPO आज आएगा:
1- नेटवेब टेक्नोलॉजी का आईपीओ के बारे में जानें
आज यानी 17 जुलाई, 2023 को नेटवेब टेक्नोलॉजीज इंडिया लिमिटेड (Netweb Technologies) का आईपीओ खुलने वाला है। यह आईपीओ 19 जुलाई तक खुला रहेगा। इस आईपीओ का साइज 631 करोड़ रुपये का है। कंपनी के शेयरों का प्राइस बैंड 475 रुपये से लेकर 500 रुपये तक तय किया है। कंपनी के प्रमोटर 206 करोड़ रुपये के शेयर ऑफर फॉर सेल के जरिए बेचेंगे। वहीं 425 करोड़ रुपये के फ्रेश शेयर जारी किए जाएंगे। कंपनी निवेशकों को 26 जुलाई को शेयर अलॉट करेगी और 27 जुलाई को शेयरों की लिस्टिंग की जाएगी। शेयर की लिस्टिंग एनएसई और बीएसई में की जाएगी।
2-असर्फी हॉस्पिटल का आईपीओ के बारे में जानें:
असर्फी हॉस्पिटल का आईपीओ (Asarfi Hospital IPO) भी इसी सप्ताह आएगा। जानकारी के तहत इसका IPO 17 से 19 जनवरी तक खुला रहेगा। यह एक हेल्थ केयर कंपनी है जो कुल 26.97 करोड़ का आईपीओ लाने वाली है। कंपनी अपने सभी शेयरों को फ्रेश जारी करने वाली है और आईपीओ के जरिए जुटाए गए रकम से कंपनी कैंसर अस्पताल बनाएगी। इस कंपनी के प्राइस बैंज 51 से 52 रुपये प्रति शेयर तय की गई है। कंपनी 24 जुलाई को निवेशकों शेयर अलॉट करेगी। इसके बाद 27 जुलाई को BSE SME एक्सचेंज पर कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग की जाएगी।

