जमशेदपुर : कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड का लाइसेंस रद्द किए जाने के फैसले का स्वागत किया है। संगठन ने इसे उपभोक्ताओं और छोटे व्यापारियों के हित में उठाया गया सख्त, लेकिन जरूरी कदम बताया है। कैट का कहना है कि इस कार्रवाई से करोड़ों खाताधारकों की जमा-पूंजी की सुरक्षा सुनिश्चित होगी और वित्तीय प्रणाली में भरोसा मजबूत होगा।
क्या है कैट का बयान
कैट के राष्ट्रीय संयुक्त महामंत्री सुरेश सोंथालिया (जमशेदपुर) ने कहा कि आरबीआई का यह निर्णय बार-बार नियामकीय मानकों की अनदेखी और प्रबंधन की विफलताओं को गंभीरता से लेने का संकेत देता है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2024 में भी आरबीआई ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक की कई बैंकिंग गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाए थे, लेकिन सुधार के पर्याप्त अवसर मिलने के बावजूद संस्था अपेक्षित बदलाव करने में विफल रही। उनके अनुसार, यह कदम यह स्पष्ट संदेश देता है कि वित्तीय क्षेत्र में किसी भी संस्था को नियमों से ऊपर नहीं रखा जा सकता।
जमाकर्ताओं की सुरक्षा पर जोर, छोटे व्यापारियों के लिए राहत
कैट ने आरबीआई द्वारा दिए गए इस आश्वासन की सराहना की कि जमाकर्ताओं का पैसा सुरक्षित है और नियमानुसार उन्हें वापस मिलेगा। सोंथालिया ने कहा कि यह भरोसा विशेष रूप से छोटे व्यापारियों, दुकानदारों, रेहड़ी-पटरी विक्रेताओं, महिला उद्यमियों और स्वरोजगार से जुड़े लोगों के लिए महत्वपूर्ण है, जो दैनिक लेनदेन के लिए बड़े पैमाने पर डिजिटल भुगतान प्लेटफॉर्म का उपयोग करते हैं।
संक्रमण व्यवस्था पर कैट की मांग
कैट के चेयरमैन बृजमोहन अग्रवाल ने पहले भी संकेत दिया था कि इस तरह की नियामकीय कार्रवाई से सूक्ष्म और लघु व्यापारियों को अस्थायी वित्तीय बाधाओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने संबंधित एजेंसियों से अपील की है कि प्रभावित उपभोक्ताओं और व्यापारियों के लिए सुचारु ट्रांजिशन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि दैनिक कारोबार पर असर कम से कम पड़े।
डाटा सुरक्षा और विदेशी निवेश पर जांच की मांग
कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी. सी. भरतिया ने पेटीएम प्लेटफॉर्म के जरिए वर्षों में एकत्र किए गए उपभोक्ता और वित्तीय डाटा के प्रबंधन, भंडारण और उपयोग को लेकर विस्तृत जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि कंपनी में विदेशी निवेशकों, विशेषकर अलीबाबा ग्रुप की हिस्सेदारी को देखते हुए डाटा सुरक्षा और राष्ट्रीय हित से जुड़े पहलुओं की गहन समीक्षा आवश्यक है।
डिजिटल भुगतान व्यवस्था में भरोसा बनाए रखना जरूरी
कैट ने कहा कि डिजिटल भुगतान आज के व्यापारिक तंत्र की रीढ़ बन चुका है और फिनटेक कंपनियों पर जनता का भरोसा बनाए रखना बेहद जरूरी है। संगठन के अनुसार, आरबीआई की यह कार्रवाई एक मजबूत संकेत है कि नियामकीय नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
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