पलामू। प्रमंडल में पुलिस ने आपराधिक घटनाओं पर नियंत्रण के लिए नई रणनीति बनाई है। पुलिस का मानना है कि क्षेत्र में 40 प्रतिशत हत्या की घटनाओं के पीछे जमीन विवाद ही बड़ा कारण होता है। इसलिए पुलिस ने जमीन माफिया एवं आपराधिक गठजोड़ के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की तैयारी की है।
जमीन कारोबारी की तैयार की जा रही सूची
पलिस अधिकारी पलामू, गढ़वा एवं लातेहार के जमीन माफिया एवं आपराधिक गठजोड़ के नेटवर्क को खंगालने की तैयारी कर रहे हैं। पहले चरण में जमीन कारोबारी की सूची तैयार की जा रही है और तीन अलग-अलग कैटेगरी में बांटा जा रहा है। पलामू प्रमंडल के तीनों जिले के पुलिस उपाधीक्षकों को इस मामले की जिम्मेदारी दी गई है।
जमीन कारोबारी का अपराधियों के साथ गठजोड़ और उनके निकट नेटवर्क को भी खंगाला जा रहा है। हाल के दिनों में देखा जाए तो पलामू, गढ़वा एवं लातेहार के क्षेत्रों में कई आपराधिक घटनाएं हुई हैं जिनके पीछे जमीन विवाद मूल कारण रहा है।
सख्त कार्रवाई की चेतावनी
पुलिस सूत्रों के अनुसार जमीन कारोबारी और आपराधिक लिंक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जमीन कारोबारी की सूची बनाई जा रही है। इसे तीन अलग-अलग कैटेगरी में बांटा जा रहा है। आपराधिक छवि वाले, खास कर वैसे लोग जो विवाद का लाभ उठाने या फिर कब्जा करने की कोशिश करते हैं, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आपराधिक घटनाओं और हत्या के 40 प्रतिशत मामले के पीछे जमीन विवाद
पलामू, गढ़वा एवं लातेहार के इलाके की आपराधिक घटनाओं और हत्या मामलों पर नजर दौड़ाई जाए तो 40 प्रतिशत मामले जमीन विवाद से जुड़े होते हैं। पलामू में तो जमीन के कारोबार में कई हत्याएं हुई हैं. सिर्फ 2023 -24 में पलामू क्षेत्र में 237 हत्याए हुई थीं जिनमें से 40 प्रतिशत की जड़ में जमीन विवाद था।
तीनों जिले में जमीन के कारोबार बढ़े हैं । इसमें पुलिस को जानकारी मिली है कि इस कारोबार में अपराध का इस्तेमाल हो रहा है। दो अप्रैल को मेदिनीनगर टाउन थाना क्षेत्र में समीर उर्फ गुड्डू की हत्या कर के पीछे जमीन विवाद ही सामने आया था जिसमें हत्या के लिए सुपारी किलर का इस्तेमाल हुआ था।
पलामू के डीआईजी किशोर कौशल ने बताया कि वैसे लोग जो जानबूझकर विवाद को आगे बढ़ाते हैं, फर्जी कागज तैयार करते हैं और इसका फायदा उठाने की कोशिश करते हैं, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ऐसे लोगों की सूची तैयार करने के लिए सभी एसपी को निर्देश दिया गया है।

