Jamshedpur (Jharkhand) : जमशेदपुर देश के सबसे पुराने एक सुनियोजित, समृद्ध व सुव्यवस्थित औद्योगिक शहरों में से एक है। टाटा समूह द्वारा बसाया गया यह शहर भारत के औद्योगिक आत्मविश्वास एवं नागरिक प्रतिबद्धता का प्रतीक है। टाटा की परंपरा हमें यह सिखाती है कि उद्योग और समाज सेवा एक दूसरे के पूरक हो सकते हैं। छात्रों को इससे प्रेरणा लेने की जरूरत है। यह बात झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने कही।
वह मंगलवार को गम्हरिया स्थित अर्का जैन यूनिवर्सिटी के तृतीय दीक्षांत समारोह को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे। राज्यपाल ने कहा कि दीक्षांत समारोह शैक्षिक यात्रा का समापन नहीं, बल्कि एक नई व सामाजिक यात्रा की शुरुआत है। अतः इस समारोह में डिग्री प्राप्त कर रहे छात्र यहां से प्राप्त शिक्षा एवं ज्ञान का उपयोग अपने साथ-साथ समाज व देश के विकास में करें। तभी यह सार्थक होगी। श्री गंगवार ने कहा कि मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया आदि अभियानों ने देश में युवाओं के लिए अवसरों के नये द्वार खोल दिये हैं। अतः रोजगार तलाशने की बजाय नौकरी देने वाले बनें। इसके लिए उद्यमिता और नवाचार की ओर ध्यान केंद्रीत करने की जरूरत है। छात्र-छात्राओं का ध्यान आकृष्ट करते हुए राज्यपाल ने विश्वास जताया कि वे विकसित भारत 2047 मिशन को पूरा करने में सहभागी साबित होंगे।
इस क्रम में उन्होंने देश के विकास क्रम की चर्चा करते हुए कहा कि आज हम जपान को पीछे छोड़ते हुए विश्व की चौथी अर्थव्यवस्था बन चुके हैं। अब तीसरे स्थान की ओर हम अग्रसर हैं। अपने संबोधन के क्रम में राज्यपाल श्री गंगवार ने ऑपरेशन सिंदूर की चर्चा करते हुए देश के सैनिकों को सलाम किया। उन्होंने कहा कि भारत शांतिप्रिय देश है। लेकिन मानवता पर कोई हमला करता है, तो हम उसे कुचलना भी जानते हैं। हमारे सैनिकों ने इस ऑपरेशन के माध्यम से यह साबित कर दिया है।
राज्यपाल ने कहा कि झारखंड में विश्वविद्यालयी शिक्षा के क्षेत्र में काफी कुछ करना है। झारखंड केवल लौह-अयस्क और खनिज संपदा ही नहीं, बल्कि संघर्ष व संस्कृति से भी परिपूर्ण राज्य है। प्राइवेट विश्वविद्यालय यूजीसी के मामदंडों का पालन करते हुए आगे बढ़ें, उच्च शिक्षा के क्षेत्र में भी झारखंड देश भर में एक आयाम स्थापित करेगा। राज्यपाल श्री गंगवार ने अरका जैन यूनिवर्सिटी में नामांकित छात्राओं की संख्या पर हर्ष जताया। इसकी सराहना करते हुए कहा कि एक पुरुष शिक्षित होता है, तो एक व्यक्ति शिक्षित होता है, लेकिन एक महिला शिक्षित होती है, तो पूरा परिवार शिक्षित होता है।
समारोह में विशिष्ट अतिथि चंपई सोरेन ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षा की बदौलत ही समाज से लेकर देश तक का विकास संभव है। इस क्रम में उन्होंने अरका जैन यूनिवर्सिटी द्वारा उच्च शिक्षा के क्षेत्र अर्जित उपलब्धियों की सराहना की। साथ ही ग्रामीण क्षेत्र में शिक्षा के प्रचार-प्रसार पर बल दिया। इस क्रम में उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रबंधन को भविष्य में यथासंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
इससे पूर्व एकेडमिक प्रोसेशन के साथ राज्यपाल सतोष कुमार गंगवार को दीक्षांंत मंडप में लाया गया। यहां श्री गंगवार व विशिष्ट अतिथि पूर्व मुख्यमंत्री व मौजूदा विधायक चंपई सोरेन समेत अतिथियों व यूनिवर्सिटी के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्जवलित कर समारोह की पारंपरित शुरुआत की। समारोह को यूनिवर्सिटी के गवर्निंग बॉडी के वरिष्ठ सदस्य व झारखंड बार काउंसिल के वाइस चेयरमैन राजेश कुमार शुक्ल ने भी अपने विचार रखे।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव सह निदेशक डॉ. अमित कुमार श्रीवास्तव ने डिग्री व उपाधि प्रापक छात्र-छात्राओं को मुख्य अतिथि के समक्ष विधिवत प्रस्तुत किया। परीक्षा नियंत्रक डॉ प्रवीर कुमार ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ईश्वरन अय्यर ने स्वागत भाषण तथा प्रतिकुलपति डॉ. अंगद तिवारी ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस दौरान मंच पर विश्वविद्यालय प्रबंधन बोर्ड के चेयरमैन डॉ. एसएस रजी भी उपस्थित थे। समारोह में विश्वविद्यालय के सभी विभागों के डीन, हेड, शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं, शिक्षकेतर कर्मचारी, अभिभावक एवं जिला प्रशासन के अधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित थे।

48 टॉपर्स को मिला गोल्ड मेडल
समारोह में 48 उत्कृष्ट विद्यार्थियों को गोल्ड मेडल प्रदान किया गया। इनमें 2023 के 26 और 2024 के 22 छात्र-छात्राएं शामिल हैं, जिन्हें राज्यपाल गंगवार ने मंच पर सम्मानित किया।
वर्ष 2023 के गोल्ड मेडलिस्ट
प्रियंका कुमारी, सूर्या गोवरा, तुहिना रॉय, सुमैरा निदा, संगीता कुमारी, राकेश कुमार दास, सुदीप्त महतो, नितेश तिवारी, रोहित राज, बाबुल हलदर, इंद्रजीत कुमार सिंह, पंकज कुमार महतो, जया दुबे, सलोनी कुमारी, साहिल कुमार, सतप्रीत कौर, जयश्री समद, प्रियंका दासगुप्ता, कशफिन कामर, अंजलि गुप्ता, शुभजीत दास, वंशिका मल्होत्रा, साहिद अफरीदी, बिर्भद्र मंडल, हरबंश लाल साहू, अमरेन्द्र कुमार मिश्रा।
वर्ष 2024 के गोल्ड मेडलिस्ट
एकता केशरी, असेवता स्तुति एक्का, तान्या गुप्ता, जैस्मिन धनजल, हरमीत सिंह, मनोज गोराई, मोहम्मद युसुफ अली, स्निग्धा सिंह, नाहिदा तबस्सुम, संजना कुमारी, श्रेया बनर्जी, धैर्य आचार्य, मेघा इंदल, सतपाल सिंह, आयुष शर्मा, उषा कुमारी, गुरप्रीत कौर, मेघा सेनगुप्ता, एएस सिथालक्ष्मी, प्रिया गोप, सोमनाथ लाहा, अभिनंदन दास मोदक।
23 शोधार्थियों को दी गई पीएचडी उपाधि
दीक्षांत समारोह में इस वर्ष 23 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। इनमें शामिल हैं – हर्षिता गुप्ता, अमित कुमार श्रीवास्तव, बिक्रांत तिवारी, मंदीप कौर, विशाखा जोसेफ, जसबीर सिंह धनजल, श्वेता कुमारी, नौशिन रज़ी, तैयबा खातून, रानी झा, चंचल मंडल, अभिषेक उपाध्याय, शालिनी प्रसाद, अमित कुमार सिंह, शबनम खातून, रोहन विजय शांडिल्य, रीता कुमारी, उषा कुमारी, इम्तियाज अहमद, सुमित कुमार मिश्रा, अमित चतुर्वेदी, बीना, निधि कुमारी।
2322 विद्यार्थियों को मिली डिग्री
तृतीय दीक्षांत समारोह में वर्ष 2023 और 2024 में उत्तीर्ण हुए कुल 2322 छात्र-छात्राओं को स्नातक, स्नातकोत्तर, पीएचडी और डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की डिग्रियां प्रदान की गईं। इस दौरान छात्र-छात्राओं एवं अभिभावकों में खासा उत्साह देखने को मिला।
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