
रांची: झारखंड के पठार से निकलकर दुनिया के कोने-कोने तक अपनी काबिलियत का परचम लहराने की एक नई कहानी सामने आई है। सरायकेला-खरसावां जिले के छोटे से गांव राजनगर के रहने वाले आशीष कुमार दास भारत की दिग्गज आईटी कंपनी ‘इंफोसिस’के अगले मुख्य कार्यकारी अधिकारी CEO और प्रबंध निदेशक बनने जा रहे हैं। साल 2027 में वे कंपनी के मौजूदा प्रमुख सलील पारेख की जगह लेंगे।
31 साल की मेहनत और उपलब्धियों का सफर
आशीष कुमार दास की यह उपलब्धि हर झारखंड वासियों के लिए गर्व का विषय है। इंफोसिस के शीर्ष पद तक पहुंचने का उनका यह सफर तीन दशकों की निष्ठा, कड़ी मेहनत और शानदार लीडरशिप की मिसाल है। आशीष ने साल 1995 में इंफोसिस के साथ एक सीनियर एंगेजमेंट मैनेजर के तौर पर अपने करियर की शुरुआत की थी। अपने 31 साल के लंबे सफर में वे पदोन्नत होकर एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट बने। इस दौरान उन्होंने ‘फॉर्च्यून-500’ जैसी दुनिया की दिग्गज अंतरराष्ट्रीय कंपनियों को क्लाउड, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल तकनीकों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने एनर्जी, सर्विसेज, रिसोर्सेज और यूटिलिटीज जैसे बड़े सेक्टरों के ग्लोबल हेड के रूप में कंपनी के वैश्विक कारोबार को अभूतपूर्व ऊंचाइयों पर पहुंचाया।
एआई के नए दौर में नई जिम्मेदारी
आशीष कुमार दास के मुताबिक आज पूरी दुनिया टेक्नोलॉजी के एक नए युग में कदम रख रही है। जहां आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व्यापार के तौर-तरीकों को बदल रहा है। इंफोसिस के पास शानदार टैलेंट और ग्राहकों का भरोसा है, जिसके दम पर कंपनी इस नए दौर में दुनिया का नेतृत्व करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
सलील पारेख ने जताया पूरा भरोसा
इंफोसिस के मौजूदा सीईओ सलील पारेख ने उनके नेतृत्व पर भरोसा जताया है। उन्होंने कहा कि आशीष के साथ लंबे समय तक काम करने का उनका अनुभव बेहतरीन रहा है। उनकी ईमानदारी, बदलाव को अपनाने की क्षमता और काम के प्रति उनका समर्पण कंपनी को सफलता की नई बुलंदियों पर ले जाएगा। पारेख ने यह भी साझा किया कि पिछले आठ वर्षों में इंफोसिस का राजस्व 10 अरब डॉलर से बढ़कर 20 अरब डॉलर के पार पहुंच चुका है।

