
नई दिल्ली : Attacks on Hindus Increased Bangladesh : बांग्लादेश में आरक्षण के खिलाफ शुरू हुए विरोध प्रदर्शनों की आग अब वहां के अल्पसंख्यक हिंदुओं तक भी पहुंच गई है। पिछले महीने से सरकार के खिलाफ हो रहे उग्र प्रदर्शनों के बाद आखिरकार शेख हसीना को प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा और देश भी छोड़ना पड़ा। वहीं सोमवार को हुई इस बड़ी राजनीतिक घटना के बाद बांग्लादेश से ऐसी खबरें आई कि वहां के हिंदुओं पर हमले हुए हैं और कई घरों में तोड़फोड़ भी की गई है। इस बीच हमेशा लोगों की मदद करने वाले अभिनेता सोनू सूद ने भी इस मामले पर रिएक्शन दिया है।
वहीं सोनू सूद ने अपने एक्स अकाउंट पर एक ट्वीट को कोट ट्वीट किया है। वहीं उस ट्वीट में एक बंगाली महिला का वीडियो है, जो रोते हुए अपने हालात को बयान कर रही है। वीडियो के साथ यूज़र ने दावा किया है कि ‘एक बांग्लादेशी हिंदू अपने दर्द को बयान कर रही है। बता रही है कि कैसे हिंदुओं का बांग्लादेश में नरसंहार हो रहा है और वो जिंदगी बचाने के लिए भारत आना चाहती है’।
इस वीडियो को शेयर करते हुए सोनू सूद ने लिखा है कि ‘हम सभी को हमारे साथी भारतीयों को बांग्लादेश से वापस लाने के लिए हर मुमकिन कोशिश करनी चाहिए, ताकि उन्हें यहं एक अच्छी जिंदगी मिल सके। ये सिर्फ हमारी सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, जो अपनी ओर से बेहतरीन काम कर रही है, बल्कि ये हम सब की जिम्मेदारी है। जय हिंद’।
वहीं बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा के संबंध में कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं, जो इस भयानक स्थिति को दर्शा रहे हैं। वहीं फेसबुक पर साझा किए गए वीडियो में बांग्लादेश के विभिन्न स्थानों पर हिंदू समुदाय के घरों और मंदिरों पर हो रहे हमलों के भयानक दृश्य सामने आए हैं।
वीडियो में फेनी बांस पाड़ा दुर्गा मंदिर को निशाना बनाते हुए दिखाया गया है, जहां पर तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं देखी जा सकती हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि यह हमला अचानक हुआ और हमलावरों ने मंदिर को क्षति पहुंचाने की पूरी कोशिश की।
वहीं बोरिशाल के एक हिस्से में हिंदू घरों और दुकानों पर हमले किए गए। वीडियो में देखा जा सकता है कि हमलावरों ने घरों में तोड़फोड़ की और लोगों को डराने के लिए धमकियां दीं।साथ ही चटगांव में हजारी गली क्षेत्र में भी हिंदू समुदाय को निशाना बनाया गया। यहां के मंदिरों पर हमले के अलावा स्थानीय बाजार में भी तोड़फोड़ की गई।
बांग्लादेश में फिलहाल सेना ने अंतरिम सरकार बनाने की घोषणा की है और हिंसा रोकने के लिए सुरक्षा बलों को तैनात किया है। हालांकि इसका कोई लाभ नहीं हो रहा। प्रधानमंत्री शेख हसीना के इस्तीफे के बाद उत्पन्न हुई राजनीतिक अस्थिरता के कारण यह हिंसा भड़की है। साथ ही हिंदू समुदाय के लोग डरे हुए हैं और उन्हें अपनी सुरक्षा की चिंता सता रही है। वहीं बांग्लादेश में हिंदू समुदाय पर हो रहे हमलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी चिंतित है। भारत में भी इस मुद्दे पर चिंता बनी हुई है।

