पटना : बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद सिंह ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव के उस बयान का बचाव किया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘इंडिया’ गठबंधन केवल लोकसभा चुनाव के लिए था। सिंह ने इस बयान को सही ठहराया और कहा कि यह टिप्पणी दिल्ली विधानसभा चुनाव के संदर्भ में की गई थी, जहां कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (आप) अलग-अलग चुनाव लड़ रहे हैं।
दिल्ली में गठबंधन की स्थिति पर तेजस्वी का बयान
तेजस्वी यादव ने हाल ही में बक्सर जिले में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा था कि दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस और ‘आप’ का अलग-अलग चुनाव लड़ना कोई अनोखी बात नहीं है, क्योंकि दोनों दल केवल लोकसभा चुनाव के लिए एक साथ आए थे। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राजद ने अभी तक यह निर्णय नहीं लिया है कि वह दिल्ली विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के साथ गठबंधन में लड़ेगी या नहीं, लेकिन बिहार में स्थिति स्पष्ट है क्योंकि दोनों दल लंबे समय से साथ हैं।
बिहार में गठबंधन पर अखिलेश प्रसाद सिंह का बयान
अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा कि बिहार में कांग्रेस और राजद का गठबंधन मजबूत और स्थिर है, और यहां किसी प्रकार का कोई संदेह नहीं होना चाहिए। उन्होंने उदाहरण दिया कि पंजाब में भी कांग्रेस और आप ने लोकसभा चुनाव अलग-अलग लड़ा था, जबकि वहां ‘आप’ की सरकार है। इस तरह के गठबंधन का टूटना कोई असामान्य बात नहीं है।
आगामी बिहार चुनाव और राहुल गांधी का दौरा
इसके साथ ही, अखिलेश प्रसाद सिंह ने राहुल गांधी के बिहार दौरे के बारे में भी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी इस महीने के अंत में बिहार का दौरा कर सकते हैं और यह दौरा 18 जनवरी को प्रस्तावित है। सिंह ने यह भी कहा कि इस संबंध में कुछ बैठकें दिल्ली में निर्धारित हैं, जिनके बाद कार्यक्रम की पुष्टि की जाएगी।
लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार के रिश्ते
जब उनसे राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के बयान के बारे में पूछा गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि नीतीश कुमार के लिए “दरवाजे अब भी खुले हैं”, तो अखिलेश प्रसाद सिंह ने कहा, “राजनीति में दरवाजे हमेशा खुले रहते हैं।” उन्होंने यह भी कहा कि जदयू के अध्यक्ष नीतीश कुमार की समाजवादी पृष्ठभूमि है और कांग्रेस और जदयू के विचारधारा में काफी समानता है।
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