- मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह सह मुखिया सम्मेलन 2026
रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि राज्य का समग्र विकास गांवों के विकास पर निर्भर है और सरकार गांवों को मजबूत बनाने की दिशा में लगातार काम कर रही है। वे शुक्रवार को हरिवंश टाना भगत इंडोर स्टेडियम, खेलगांव में आयोजित मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार समारोह सह मुखिया सम्मेलन 2026 (दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल) को संबोधित कर रहे थे।
इस दौरान मुख्यमंत्री और अतिथियों ने राज्य के विभिन्न जिलों से चयनित उत्कृष्ट ग्राम पंचायत, श्रेष्ठ ग्राम सभा, स्वच्छ एवं स्वस्थ पंचायत समिति और जिला परिषद श्रेणी के विजेताओं को प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनप्रतिनिधि ग्रामीणों के सबसे करीब होते हैं और उनकी कार्यकुशलता से ही विकास की दिशा तय होती है। गांव राज्य की जड़ हैं। जब जड़ मजबूत होगी तभी पूरा तंत्र मजबूत होगा।
उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना ही मुख्य लक्ष्य है और इसके लिए पंचायत स्तर पर लगातार शिविर लगाकर समस्याओं का समाधान किया जा रहा है। उन्होंने पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार योजना को परिवर्तनकारी पहल बताते हुए कहा कि इससे स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और बेहतर काम करने वालों को पहचान मिलेगी। करोड़ों रुपये की प्रोत्साहन राशि का वितरण सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पंचायतों के विकास के लिए पैसे की कोई कमी नहीं है, लेकिन उपलब्ध बजट का सही उपयोग सुनिश्चित करना जरूरी है। इसके लिए विभाग को स्पष्ट दिशा-निर्देश तैयार करने चाहिए।
आज कोई भूख से नहीं मर रहा
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय ऐसा था जब लोग राशन कार्ड लेकर भटकते थे, लेकिन बीते वर्षों में व्यवस्था में सुधार हुआ है और आज राज्य में भूख से मौत की स्थिति नहीं है। कोविड काल में भी सरकार ने बेहतर प्रबंधन किया। उन्होंने पंचायतों में जनसंपर्क मजबूत करने के लिए नीति बनाने की बात कही।
जल संकट से निपटने पर जोर
गर्मी के मौसम को देखते हुए मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों को जल संकट से निपटने की तैयारी करने को कहा। उन्होंने पुराने तालाबों की सफाई और गहरीकरण, वर्षा जल संचयन तथा चापाकलों के पास सोक पिट निर्माण पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जल प्रबंधन में पंचायतों की भूमिका अहम है और इसके लिए प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
सोलर प्लांट से बढ़ेगी ग्रामीण आय
मुख्यमंत्री ने कहा कि खाली या कम उपयोग वाली जमीन पर सोलर पावर प्लांट लगाकर ग्रामीण अपनी आय बढ़ा सकते हैं। सरकार उत्पादित बिजली खरीदेगी, जिससे आत्मनिर्भरता को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने सिंचाई के लिए लिफ्ट इरिगेशन जैसी योजनाओं के विस्तार की भी बात कही।
गांव तक पहुंचेगी आधार सेवा
कार्यक्रम में पंचायत स्तर पर आधार से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराने को लेकर समझौता भी हुआ। इससे ग्रामीणों को अपने ही क्षेत्र में सुविधाएं मिलेंगी और उन्हें दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। मुख्यमंत्री ने जनप्रतिनिधियों से अपील की कि वे ईमानदारी से अपने दायित्व निभाएं और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरें। उन्होंने कहा कि सरकार और जनप्रतिनिधियों के बेहतर समन्वय से झारखंड के गांव तेजी से विकास की राह पर आगे बढ़ेंगे।
पंचायतों को हजारों करोड़ की सहायता : मंत्री
इस अवसर पर मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने कहा कि पंचायतों को बड़े पैमाने पर विकास कार्यों के लिए राशि दी गई है। 15वें वित्त आयोग के तहत टाइड फंड में 412 करोड़ रुपये और अनटाइड फंड में 555 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। जल्द ही टाइड फंड में 410 करोड़ और अनटाइड फंड में 272 करोड़ रुपये और जारी किए जाएंगे। इसके अलावा राज्य वित्त आयोग से भी करीब 600 करोड़ रुपये पंचायतों को मिलने जा रहे हैं।
मंत्री ने कहा कि यह राशि गांवों के सर्वांगीण विकास में मील का पत्थर साबित होगी। उन्होंने कहा कि अब मुखियाओं के पास योजनाओं को जमीन पर उतारने का सुनहरा अवसर है।

