
रांची : केंद्र प्रायोजित योजनाओं में सरकारी धन के उपयोग को अधिक पारदर्शी, तेज और जवाबदेह बनाने के लिए भारत सरकार द्वारा एसएनए स्पर्श (जस्ट इन टाइम) प्रणाली के साथ ई-वाउचर व्यवस्था अनिवार्य कर दी गई है। इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए झारखंड सरकार का वित्त विभाग राज्य के 18 विभागों के अधिकारियों को मास्टर ट्रेनर के रूप में प्रशिक्षित कर रहा है। ये अधिकारी बाद में अपने-अपने विभागों और अधीनस्थ कार्यालयों के कर्मचारियों को नई व्यवस्था का प्रशिक्षण देंगे, ताकि पूरे राज्य में ई-वाउचर प्रणाली को सुचारु रूप से लागू किया जा सके।वित्त विभाग का मानना है कि एसएनए स्पर्श और ई-वाउचर व्यवस्था लागू होने से केंद्र प्रायोजित योजनाओं के वित्तीय प्रबंधन में पारदर्शिता बढ़ेगी, जवाबदेही सुनिश्चित होगी और सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से आम लोगों तक पहुंच सकेगा।
क्या है ई-वाउचर व्यवस्था
ई-वाउचर एक डिजिटल भुगतान स्वीकृति प्रणाली है। इसके तहत किसी भी सरकारी भुगतान से पहले ऑनलाइन स्वीकृति दी जाएगी और उसके बाद ही राशि लाभार्थी, एजेंसी या आपूर्तिकर्ता के खाते में भेजी जाएगी। इससे हर भुगतान का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा और पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी।
क्या होगा लाभ
सरकारी योजनाओं की राशि समय पर लाभार्थियों तक पहुंचेगी।
भुगतान में अनावश्यक देरी कम होगी।
फर्जी भुगतान और वित्तीय अनियमितताओं पर रोक लगेगी।
सरकारी धन का सही और पारदर्शी उपयोग सुनिश्चित होगा।
योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी और लाभार्थियों को समय पर सहायता मिलेगी।

