
चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन ने नियमों की अनदेखी करने पर चाईबासा में समाहरणालय स्थित कैंटीन के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। मंगलवार को देर रात सदर अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार के निर्देश पर जिला प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कैंटीन को पूरी तरह सील कर दिया। इस दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए परिसर में बड़ी संख्या में पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी।

अनुबंध समाप्त होने के बाद भी कब्जा, किराया भी था बकाया
कार्रवाई के संबंध में जानकारी देते हुए सदर अंचल अधिकारी उपेंद्र कुमार ने बताया कि कैंटीन संचालन की समय-सीमा (एग्रीमेंट) काफी समय पहले ही समाप्त हो चुकी थी। इसके बावजूद संचालक द्वारा न तो परिसर को खाली किया जा रहा था और न ही बकाया किराए का भुगतान किया जा रहा था।उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा संचालक को पूर्व में ही नोटिस जारी कर जगह खाली करने के निर्देश दिए गए थे। लगातार नोटिस की अवहेलना किए जाने के बाद यह सख्त कदम उठाया गया। देर रात तक कैंटीन के भीतर मौजूद सभी सामग्रियों की विधिवत इन्वेंट्री (सूची) तैयार कर उन्हें सुरक्षित किया गया।
संचालक का दावा : विभाग पर 16 लाख बकाया, अधिकारियों ने नकारा
कैंटीन संचालक अमरेंद्र कुमार सिन्हा ने प्रशासन पर गंभीर आरोप मढ़े हैं। उनके अनुसार विभिन्न सरकारी आयोजनों में भोजन व फूड पैकेट की आपूर्ति का लगभग ₹16 लाख विभाग पर बकाया है। इसके अतिरिक्त, लगभग ₹10 लाख अग्रिम राशि (Advance) के रूप में विभाग में जमा हैं। बकाया राशि के भुगतान और जमा राशि की वापसी की गुहार लगाने के बावजूद प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
वहीं, प्रशासनिक अधिकारियों ने संचालक के इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए निराधार बताया। अधिकारियों का कहना है कि यदि संचालक का कोई वैध बकाया है, तो उन्हें उससे संबंधित विभागीय आदेश, आधिकारिक रसीद या प्रासंगिक दस्तावेज प्रस्तुत करने होंगे।
मौके पर मौजूद रहे कई वरिष्ठ अधिकारी
सील करने की इस पूरी प्रक्रिया के दौरान प्रशासनिक और पुलिस महकमे के कई अधिकारी मौजूद रहे। इनमें
एनडीसी हर्ष कुमार, कार्यपालक पदाधिकारी सदर अंचल अधिकारी उपेंद्र कुमार ,मुफ्फसिल थाना प्रभारी विनोद कुमार तथा भारी संख्या में पुलिस बल शामिल था।
प्रशासन का कड़ा संदेश
जिला प्रशासन ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि सरकारी परिसरों में नियमों का उल्लंघन या अनाधिकृत कब्जा किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

