
चाईबासा : पश्चिमी सिंहभूम जिले के जगन्नाथपुर प्रखंड में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। मंगलवार देर रात हाथियों के झुंड ने बुढ़ाकमान, मुगादिधिया, तेंतोड़ीपोसी और लुतुसाई आदि गांव में जमकर उत्पात मचाया। इस दौरान एक व्यक्ति की जान चली गई, जबकि कई घरों को तोड़ दिया। मृतक की पहचान बुड़ाकमान गांव निवासी चंद्रमोहन सिंकु के रूप में हुई है। वह चार बच्चों के पिता था। इस दर्दनाक हादसे के बाद क्षेत्र में वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
मध्यरात्रि में हुआ हादसा
प्राप्त जानकारी के अनुसार, घटना मंगलवार रात लगभग 12 बजे की है। गांव में जंगली हाथी के दाखिल होने की खबर फैलते ही ग्रामीण उसे भगाने के लिए शोर मचाने लगे। शोर सुनकर चंद्रमोहन सिंकु भी स्थिति का जायजा लेने अपने घर से बाहर निकले। इसी दौरान उनका सामना अचानक दंतैल हाथी से हो गया। इससे पहले कि वे संभल पाते, हाथी ने उन पर हमला कर दिया। हाथी ने उन्हें सूंड में लपेटकर जमीन पर दे मारा और फिर कुचल दिया, जिससे वे बुरी तरह घायल हो गए।
अस्पताल पहुंचने से पहले ही तोड़ा दम
घटना के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों ने एकजुट होकर घायल चंद्रमोहन को जगन्नाथपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। हालांकि, जांच के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से पूरे बुड़ाकमान गांव में खौफ और मातम का माहौल है।
वन विभाग में नहीं उठाया फोन
ग्रामीण का आरोप हैं कि घटना की तुरंत सूचना देने के लिए उन्होंने चाईबासा रेंजर, नोवामुंडी फॉरेस्टर और क्षेत्रीय वनरक्षक को लगातार फोन किया, लेकिन किसी ने भी कॉल रिसीव नहीं किया।
वन विभाग ने दिया पीड़ित को दिया 1 लाख मुआवजा
वन विभाग के अधिकारी ने मृतक के परिजनों को तत्काल राहत के तौर पर अंतिम संस्कार के लिए एक लाख रुपये की सहायता राशि दी। साथ ही नियमानुसार मुआवजे की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही।गांव वालों ने प्रशासन से हाथी प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने और स्थायी समाधान की मांग की है। लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से ग्रामीणों में आक्रोश और डर दोनों है।

