
चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में अवैध शराब बनाने के खिलाफ काफी सख्ती बरती जा रही है। उपायुक्त मनीष कुमार के निर्देश पर उत्पाद विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने गुरुवार को मुफस्सिल थाना क्षेत्र के लतरसिखा गांव में बड़ी छापेमारी की। इस दौरान अवैध महुआ शराब निर्माण के ठिकानों को ध्वस्त कर भारी मात्रा में शराब और कच्चा माल नष्ट किया गया
3000 लीटर अवैध शराब व कच्चा माल किया नष्ट
छापेमारी में उत्पाद विभाग ने मौके पर ही 3 जावा महुआ भट्टियां और 110 देसी शराब चुलाई की भट्टियां तोड़ दीं। भट्टियां मिट्टी में गाड़कर चलाई जाने वाली छोटी अवैध भट्टियां होती हैं जो ग्रामीण इलाकों में आम हैं। कार्रवाई के दौरान करीब 3000 लीटर अवैध महुआ शराब और भारी मात्रा में महुआ का कच्चा माल बरामद कर नष्ट किया गया।
मौके से फरार हुए चार लोग
उत्पाद विभाग की टीम के पहुंचते ही अवैध कारोबार में शामिल 4 लोग मौके से फरार हो गए। उत्पाद विभाग ने सभी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। बता दें कि झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में महुआ शराब का अवैध उत्पादन और बिक्री लंबे समय से समस्या बनी हुई है। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान होता है। साथ ही जहरीली शराब से लोगों के स्वास्थ्य को भी गंभीर खतरा रहता है। इसी को देखते हुए जिला प्रशासन ने अवैध शराब के खिलाफ नियमित अभियान छेड़ रखा है।
अवैध शराब के खिलाफ जारी रहेगी कार्रवाई: उत्पाद अधीक्षक
उत्पाद अधीक्षक ने बताया कि डीसी के निर्देश पर जिले में आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि अवैध शराब के कारोबार की सूचना तुरंत विभाग को दें। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य जिले को अवैध शराब से मुक्त करना है।
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