
रांची: Corona : घबराने या पैनिक होने की जरूरत नहीं है लेकिन सतर्क रहना बहुत जरूरी है। जी हां, दरअसल, झारखंड में छिटपुट ही सही, कोरोना (Corona) के मरीज अभी भी मिल रहे हैं। वर्तमान में भी इस राज्य में कोरोना के दो एक्टिव केस हैं। दोनो मरीज जमशेदपुर स्थित टाटा मोटर्स अस्पताल जनरल वार्ड में भर्ती हैं। उनका इलाज चल रहा है और स्थिति सामान्य बनी हुई है। भारत में वर्तमान समय में कुल पाजिटिव केस की सख्या 1296 है।
स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने दी अपडेट : Corona
केंद्र सरकार की ओर से Corona के मामले में पूरी सतर्कता बरती जा रही है। राज्यों को पहले ही अलर्ट किया जा चुका है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से सभी राज्यों से अपडेट स्थिति की जानकारी ली जा रही है। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया को Corona से निपटने को लेकर राज्य की तैयारियों की जानकारी दी।
अक्टूबर में 6944 नमूनों की हुई थी जांच
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया को जानकारी देते हुए झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने बताया कि राज्य में अक्टूबर माह में कुल 6944 नमूनों की जांच की गई जिसमें से कोई भी मरीज कोविड से संक्रमित नहीं पाया गया। इसके बाद नवंबर माह में 4118 नमूनों की जांच की गई, जिसमें 12 पॉजिटिव पाए गए।
दिसंबर में 1675 नमूनों की जांच, 10 मिले पॉजिटिव
झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने बताया कि दिसंबर माह में अभी तक 1675 नमूनों की जांच की जा चुकी है। इनमें 10 लोग कोविड संक्रमित पाए गए। पॉजिविटी दर 0.59 प्रतिशत है। बताया कि नए वेरिएंट को लेकर केंद्र की एडवाइजरी सभी जिलों को भेज दी गई है। सभी जिलों को अलर्ट करते हुए आवश्यक एहतियात के निर्देश दिए गए हैं। तैयारियां की समीक्षा के लिए ड्राइ रन आयोजित करने को कहा है।
झारखंड में 27 हैं आरटीपीसीआर प्रयोगशाला
झारखंड में आरटीपीसीआर प्रयोगशाला की कुल संख्या 27 है। इनमें 12 जिलों में लैब अधिष्ठापित है। इनमें सात में जांच प्रारंभ है। कोबास (6800) लैब रिम्स रांची एवं फूलो झानो चिकित्सा महाविद्यालय दुमका में स्थापित की जा चुकी है। जिनोम सिक्वेंसिंग मशीन भी रांची स्थित रिम्स में स्थापित की जा चुकी है। जीनोम सिक्वेंसिंग मशीन से झारखंड में ही नये किस्म के म्यूटेंट की पहचान की जा सकती है। अबतक इसके लिए नमूनों को दूसरे राज्य भेजना पड़ता था।
झारखंड में इतनी है बेड की उपलब्धता
झारखंड में कोविड-19 मरीज के इलाज तथा समुचित नियंत्रण के लिए सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में ऑक्सीजन तथा आईसीयू से लैस कुल 21680 बेड की उपलब्धता है। इनमें नॉन-ऑक्सीजन बेड 5276, ऑक्सीजन सपोर्टेट बेड 11356, आईसीयू बेड 1447, वेंटिलेटर बेड 1456, पीडियाट्रिक आईसीयू (सरकारी) 510 और पीडयाट्रिक एचडीयू 455 हैं। वहीं पीडियाट्रिक से संबंधित मामलों के लिए कुल ऑक्सीजन बेड 1180 हैं।
झारखंड में ऐसी है व्यवस्था
• झारखंड में कुल 122 पीएसए प्लांट अधिष्ठापित किए गए हैं।
• कुल आक्सीजन कॉन्सेंट्रेटरर की संख्या 11650 है।
• आक्सीजन सिलेंडर की उपलब्धता 29,198 है जबकि बी टाईप 17006 और डी टाईप 12192 हैं।
• कुल 11 लिक्विड मेडिकल ऑक्सीजन क्रियाशील है।
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