
Ranchi : पैर टूटने पर रांची के एक अस्पताल ने मरीज को आइसीयू में भर्ती कर 22 लाख रुपये का बिल बना दिया। यही नहीं, इलाज में इस कदर लापरवाही बरती गई कि आखिरकार मरीज की जान चली गई। यह कारनााम रांची के राज अस्पताल का है। मरीज के परिजनों ने एक्स पर पर अपनी व्यथा जताई तो सीएम हेमंत सोरेन ने फौरन इसका संज्ञान लिया है। सीएम ने मामले में कार्रवाई के आदेश दिए हैं। सीएम के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने इसे गंभीरता से लेकर जांच शुरू करा दी है। जांच के बाद राज अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मरीज की मौत के बाद परिजनों ने राज अस्पताल में जमकर हंगामा किया। परिजनों के किसी भी सवाल का जवाब अस्पताल प्रबंधन नहीं दे पा रहा था।
गौरतलब है कि इन दिनों स्वास्थ्य व्यवस्था गड़बड़ाई हुई है। मरीज परेशान हो रहे हैं। अमीर लोग तो किसी अस्पताल में भर्ती होकर अपना इलाज करा लेते हैं। मगर, गरीबों की स्थिति खराब है। गरीब सरकारी अस्पताल में जाते हैं तो वहां लापरवाही बरती जाती है। ढंग से इलाज नहीं होता। निजी अस्पतालों में भी लूट मची हुई है। ताजा मामला रांची का है। यहां एक मरीज के पैर की हड्डी टूट गई थी। मरीज को इलाज के लिए रांची के राज अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
मरीज के परिजनों ने बताया कि राज अस्पताल में पैसा जमा कराने पर ही जोर रहता था। पैसा जमा कराने के बाद भी मरीज के पैरों में तीन दिन तक पट्टी नहीं कराई गई। इस वजह से मरीज के पूरे शरीर में इंफेक्शन फैल गया। इसकी जानकारी परिजनों ने राज अस्पताल के डाक्टरों को दी। मगर, उन्होंने इसे गंभीरता से नहीं लिया। बाद में हालात ज्यादा बिगड़ने पर डाक्टर पहुंचे और कुछ दवाएं दीं। बाद में कहा गया कि वह मरीज को नहीं बचा सकते। आखिरकार मरीज की जान चली गई।
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