
रांची : राजधानी रांची के मोरहाबादी मैदान में पिछले 40 सालों से लगने वाला ऐतिहासिक साप्ताहिक बाजार बंद हो गया है। शनिवार को रांची नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने इस बाजार को पूरी तरह से बंद करा दिया। अचानक हुई कार्रवाई से सालों से दुकान लगा रहे छोटे दुकानदारों में भारी नाराजगी है।
बाजार बंद करने के पीछे क्या है राज
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, इस बाजार को बंद करने के पीछे सबसे बड़ी वजह भीड़ और ट्रैफिक जाम की गंभीर समस्या है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शुरुआत में इस बाजार में सिर्फ 50 से 100 दुकानें लगती थीं, लेकिन समय के साथ यह संख्या बढ़कर लगभग 1,600 तक पहुंच गई।
दुकानों की संख्या इतनी बढ़ने के कारण विक्रेताओं ने मुख्य सड़कों तक अतिक्रमण कर लिया था। इसके चलते शनिवार को मोरहाबादी मैदान और उसके आसपास की सड़कों पर दिनभर गाड़ियों का सरकना भी दूभर हो जाता था। आम जनता और वाहन चालकों की इसी परेशानी को देखते हुए नगर निगम ने बाजार न लगाने का सख्त फैसला लिया।
दुकानदारों में भारी नाराजगी, आजीविका पर संकट
निगम के इस फैसले से उन गरीब किसानों और फल-सब्जी विक्रेताओं को बड़ा झटका लगा है, जो पिछले चार दशकों से बुधवार और शनिवार को अपनी ताजी सब्जियां बेचने यहां आते थे। रांची और आसपास के ग्रामीण इलाकों से आने वाले सैकड़ों दुकानदारों की रोजी-रोटी इसी बाजार पर निर्भर थी।
चंदवे के सब्जी विक्रेता वीरेंद्र ने बताया कि वह पिछले 35 वर्षों से यहां दुकान लगाकर अपने परिवार का पेट पाल रहे हैं। वहीं फल विक्रेता मोहम्मद इश्तियाक ने कहा कि 25 साल पुराने इस रोजगार के अचानक बंद होने से उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। शनिवार को कार्रवाई के बाद कई दूर-दराज के विक्रेता तो सुबह ही लौट गए, लेकिन 100 से अधिक विक्रेता मैदान में ही डटे रहे और आंदोलन की चेतावनी दी।
फैसले पर बंटी जनता की राय
इस कार्रवाई को लेकर शहर के लोगों की राय बंटी हुई है। एक तरफ जहां स्थानीय निवासी और राहगीर जाम से मुक्ति मिलने के कारण नगर निगम के इस कदम की सराहना कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ सामाजिक कार्यकर्ताओं और आम लोगों का एक बड़ा वर्ग इन गरीब दुकानदारों के प्रति सहानुभूति रख रहा है।
लोगों का कहना है कि निगम को बाजार पूरी तरह बंद करने के बजाय इन दुकानदारों के लिए किसी वैकल्पिक जगह (वेंडिंग जोन) की व्यवस्था करनी चाहिए, ताकि शहर की यातायात व्यवस्था भी दुरुस्त रहे और किसी गरीब का चूल्हा भी न बुझे।
**Meta Description:**
रांची नगर निगम ने ट्रैफिक और भीड़ का हवाला देते हुए मोरहाबादी मैदान में 40 वर्षों से लग रहे साप्ताहिक सब्जी बाजार को बंद करा दिया। फैसले से सब्जी और फल विक्रेताओं में नाराजगी है, जबकि कुछ स्थानीय लोगों ने निर्णय का समर्थन किया है।

