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Lohardaga Rail News : लोहरदगा में RPF ने बचाई नाबालिग की जान, आत्महत्या के प्रयास के बाद परिजनों से कराया सुरक्षित मिलान

स्टेशन के उप स्टेशन अधीक्षक के सहयोग से घायल बालिका को तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से ऑपरेशन "सेवा" के तहत सदर अस्पताल, लोहरदगा भेजा गया।

by Mujtaba Haider Rizvi
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Lohardaga : रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने तत्परता और संवेदनशीलता का परिचय देते हुए एक नाबालिग बालिका की जान बचाई और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद शनिवार को उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।

घटना 2 जुलाई 2026 की है। ट्रेन संख्या 18632 चोपन–रांची एक्सप्रेस के लोहरदगा रेलवे स्टेशन से प्रस्थान के दौरान एक नाबालिग बालिका अचानक चलती ट्रेन से प्लेटफॉर्म संख्या-1 पर कूद गई, जिससे वह घायल हो गई। घटना की सूचना मिलते ही आरपीएफ पोस्ट लोहरदगा के अधिकारी और जवान तत्काल मौके पर पहुंचे तथा बालिका को सुरक्षित बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया।

स्टेशन के उप स्टेशन अधीक्षक के सहयोग से घायल बालिका को तत्काल एम्बुलेंस के माध्यम से ऑपरेशन “सेवा” के तहत सदर अस्पताल, लोहरदगा भेजा गया। इस दौरान आरपीएफ की महिला उपनिरीक्षक प्रियंका कुमारी और महिला कांस्टेबल मंजू रोसिता मिंज उसकी देखरेख में मौजूद रहीं।

अस्पताल में पूछताछ के दौरान बालिका ने अपनी पहचान ममता कुमारी (16 वर्ष) के रूप में बताई। उसने बताया कि वह लातेहार जिले के मनिका थाना क्षेत्र के नदबेलवा गांव की रहने वाली है। बालिका ने बताया कि माता-पिता और विद्यालय के प्रधानाचार्य द्वारा डांटे जाने के बाद वह मानसिक रूप से परेशान हो गई थी। इसी कारण वह 1 जुलाई को घर छोड़कर निकल गई थी। उसने डाल्टनगंज रेलवे स्टेशन के प्रतीक्षालय में रात बिताई और अगले दिन चोपन–रांची एक्सप्रेस से लोहरदगा पहुंची।

बालिका ने बताया कि मानसिक तनाव और निराशा के चलते उसने चलती ट्रेन से कूदकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। हालांकि आरपीएफ की त्वरित कार्रवाई से उसकी जान बच गई।

घटना की जानकारी मिलते ही आरपीएफ ने बालिका के परिजनों से संपर्क किया। सदर अस्पताल में उसका उपचार कराने के बाद बाल कल्याण समिति, लोहरदगा से आवश्यक अनुमति प्राप्त की गई। इसके बाद माता-पिता के अस्पताल पहुंचने पर सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए बालिका को सुरक्षित उनके सुपुर्द कर दिया गया।

आरपीएफ की इस त्वरित कार्रवाई और मानवीय पहल की स्थानीय लोगों ने सराहना की। समय पर बचाव और उपचार मिलने से एक नाबालिग की जान बच गई और वह सकुशल अपने परिवार से मिल सकी।

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