
रांची। झारखंड के राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने शनिवार को महात्मा गांधी मार्ग स्थित श्री हनुमान मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रभु बजरंगबली का आशीर्वाद प्राप्त किया तथा राज्यवासियों के सुख, समृद्धि और कल्याण की कामना की। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर में नवनिर्मित वातानुकूलित सामुदायिक हॉल ‘श्री राम वाटिका’ का लोकार्पण किया।
इस अवसर पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने कहा कि भगवान श्रीराम और प्रभु हनुमान का जीवन सेवा, समर्पण, विनम्रता और कर्तव्यनिष्ठा का सर्वोच्च आदर्श है। उन्होंने कहा कि शक्ति तभी सार्थक है, जब उसमें विनम्रता हो, ज्ञान तभी श्रेष्ठ है, जब उसमें सेवा का भाव हो और जीवन तभी सफल है, जब वह लोकमंगल के लिए समर्पित हो। गोस्वामी तुलसीदास की पंक्ति “परहित सरिस धरम नहि भाई, पर पीड़ा सम नहि अधमाई” का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में सेवा और परोपकार को सर्वोच्च धर्म माना गया है।
राज्यपाल ने कहा कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना के स्थल नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना, सेवा-भाव, सामाजिक समरसता और संस्कारों के संवर्धन के महत्वपूर्ण केंद्र भी हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नव निर्मित ‘श्री राम वाटिका’ धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों के साथ-साथ जनसेवा के कार्यों का भी प्रेरणादायी केंद्र बनेगी।
उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी मार्ग स्थित श्री हनुमान मंदिर वर्षों से जन-आस्था और सामाजिक समरसता का केंद्र रहा है। यहां धार्मिक आयोजनों के साथ समाजहित के अनेक कार्य निरंतर संचालित होते रहे हैं। राज्यपाल ने श्री हनुमान मंदिर समिति, पंजाबी हिंदू बिरादरी तथा सभी सहयोगी श्रद्धालुओं को सामुदायिक हॉल के निर्माण के लिए बधाई और शुभकामनाएं दीं।
राज्यपाल ने युवाओं से सेवा, अनुशासन और संस्कार को जीवन का आधार बनाने तथा समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यदि युवा पीढ़ी अपने सांस्कृतिक मूल्यों से जुड़ी रहेगी तो समाज और राष्ट्र दोनों अधिक सशक्त एवं संस्कारित बनेंगे। अंत में उन्होंने सभी श्रद्धालुओं से प्रेम, सद्भाव, सहयोग और सेवा की भावना को अपनाने की अपील की।

