
चक्रधरपुर : दक्षिण पूर्व रेलवे के चक्रधरपुर मंडल अंतर्गत मनोहरपुर में मूलभूत रेल सुविधाओं की कमी को लेकर स्थानीय जनता का आक्रोश चरम पर पहुंच गया है। वर्षों से जारी अनदेखी के खिलाफ अब मनोहरपुर क्षेत्र के लोगों ने रेलवे प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को ‘नागरिक सुविधा समिति, मनोहरपुर’ के एक प्रतिनिधिमंडल ने सुशील बारला के नेतृत्व में चक्रधरपुर के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) तरुण हुरिया से मुलाकात की और दो अलग-अलग रेल मंत्री के नाम दो सूत्री मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा।
अतिरिक्त ट्रेनों का ठहराव और समयबद्ध परिचालन
प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि मनोहरपुर रेलवे को बड़ा राजस्व देने वाला स्टेशन है। इसके बावजूद यहां लंबी दूरी की महत्वपूर्ण ट्रेनों का ठहराव नहीं है। इसके कारण स्थानीय विद्यार्थियों, गंभीर मरीजों और आम यात्रियों को ट्रेन के लिए चक्रधरपुर या अन्य दूरदराज के स्टेशनों पर निर्भर रहना पड़ता है। साथ ही ट्रेनों के समय पर न चलने से भी लोग परेशान हैं।
रेलवे फाटक पर ओवरब्रिज या अंडरपास का निर्माण
समिति ने कहा कि स्थानीय व्यस्त रेलवे क्रॉसिंग पर घंटों लंबा जाम लगा रहता है। इस जाम में अक्सर एंबुलेंस और स्कूल बसें फंसी रहती हैं, जिससे कई बार बेहद संवेदनशील और दुर्घटना जैसी स्थितियां बन चुकी हैं। यहां ओवरब्रिज (ROB) या अंडरपास का निर्माण बेहद जरूरी हो चुका है। वर्षों से सिर्फ आश्वासन मिल रहा है, जमीन पर कुछ नहीं हो रहा। अगर रेलवे ने हमारी जायज मांगों पर जल्द ही ठोस कार्रवाई नहीं की, तो क्षेत्र की जनता उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
नागरिक सुविधा समिति, मनोहरपुर प्रतिनिधिमंडल में ये रहे शामिल
ज्ञापन सौंपने वाले इस प्रतिनिधिमंडल में सुशील बारला के साथ मुख्य रूप से सेवानिवृत्त शिक्षक अश्विनी बधेल, निसार अहमद, सीमा मुण्डारी, बलदेव जाते और मनोज नायक समेत कई स्थानीय प्रबुद्ध नागरिक शामिल थे। सभी ने एक सुर में मनोहरपुर जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन के साथ हो रहे सौतेले व्यवहार पर नाराजगी जताई।
DRM कार्यालय का रुख
रेलवे प्रशासन DRM ने प्रतिनिधिमंडल से ज्ञापन प्राप्त कर लिया है और नागरिकों को आश्वस्त किया है कि उनकी मांगों पर जल्द ही उचित और सकारात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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