Home » Dhanbad Elephant Terror : टुंडी में 35 हाथियों का उत्पात, स्कूल और घर तोड़ा, मिड डे मील का अनाज भी खाया

Dhanbad Elephant Terror : टुंडी में 35 हाथियों का उत्पात, स्कूल और घर तोड़ा, मिड डे मील का अनाज भी खाया

Jharkhand Hindi News : हाथियों के अचानक गांव में प्रवेश करने से अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर वन विभाग से जुड़े मशालची मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद हाथियों को गांव से बाहर खदेड़ा गया

by Rakesh Pandey
Dhanbad Elephant Terror
WhatsApp Group Join Now
Instagram Follow Now

धनबाद : झारखंड के धनबाद जिले के टुंडी प्रखंड क्षेत्र में जंगली हाथियों का आतंक लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार देर रात करीब 35 हाथियों के झुंड ने जाताखुटी पंचायत के दालुगोड़ा गांव में घुसकर भारी तबाही मचाई। हाथियों ने पहले एक स्कूल को निशाना बनाया, जहां उन्होंने भवन को क्षतिग्रस्त कर मिड डे मील के लिए रखा गया अनाज खा लिया। इसके बाद झुंड गांव के एक घर में घुस गया और उसे पूरी तरह तहस-नहस कर दिया। घटना के बाद पूरे गांव में भय और दहशत का माहौल है।

ग्रामीणों के अनुसार हाथियों के अचानक गांव में प्रवेश करने से अफरा-तफरी मच गई। लोग अपनी जान बचाने के लिए घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागे। सूचना मिलने पर वन विभाग से जुड़े मशालची मौके पर पहुंचे और काफी मशक्कत के बाद हाथियों को गांव से बाहर खदेड़ा गया।

दालुगोड़ा गांव में देर रात मचा उत्पात

जानकारी के अनुसार टुंडी थाना क्षेत्र के जाताखुटी पंचायत अंतर्गत दालुगोड़ा गांव में शनिवार रात हाथियों का झुंड जंगल से निकलकर आबादी वाले इलाके में पहुंच गया। हाथियों ने सबसे पहले रंगामाटिया स्कूल को नुकसान पहुंचाया। स्कूल का दरवाजा और दीवार तोड़कर वे अंदर घुस गए और वहां मिड डे मील योजना के लिए रखा गया खाद्यान्न खा गए।

ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों के झुंड ने स्कूल परिसर में काफी देर तक उत्पात मचाया, जिससे भवन को भी नुकसान पहुंचा है। घटना के बाद स्कूल प्रबंधन और स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है।

ग्रामीण का घर तोड़ा, धान और चावल भी खाए

स्कूल में नुकसान पहुंचाने के बाद हाथियों का झुंड गांव निवासी रामलाल मुर्मू के घर पहुंच गया। हाथियों ने घर को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। उस समय परिवार के सभी सदस्य घर में सो रहे थे। अचानक हाथियों के घर में घुसने से परिवार में हड़कंप मच गया और सभी लोग किसी तरह बाहर निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहे।

पीड़ित रामलाल मुर्मू और उनकी पत्नी चंदौली मुर्मू ने बताया कि हाथियों ने घर में रखा लगभग 10 से 12 मन धान और 4 से 5 मन चावल भी खा लिया। घर के टूटने और खाद्यान्न नष्ट होने से परिवार को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है।

साल में दूसरी बार हाथियों ने उजाड़ा घर

रामलाल मुर्मू के परिवार ने बताया कि जनवरी 2026 में भी हाथियों के झुंड ने उनके घर को नुकसान पहुंचाया था। उस समय हुए नुकसान से परिवार अभी पूरी तरह उबर भी नहीं पाया था कि एक बार फिर हाथियों ने घर को निशाना बना लिया। लगातार हो रहे नुकसान से परिवार की आर्थिक स्थिति और अधिक प्रभावित हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में हाथियों का आना अब आम बात हो गई है, लेकिन इस बार नुकसान का स्तर काफी अधिक रहा है। लोगों ने वन विभाग से स्थायी समाधान की मांग की है।

मशालची की मदद से गांव से खदेड़े गए हाथी

घटना की सूचना मिलते ही मशालची दल मौके पर पहुंचा। मशाल जलाकर और पारंपरिक तरीकों का उपयोग कर हाथियों को गांव से बाहर निकालने का प्रयास किया गया। काफी देर की मशक्कत के बाद हाथियों का झुंड गांव से बाहर जंगल की ओर लौट गया। हालांकि ग्रामीणों को आशंका है कि हाथियों का झुंड फिर से गांव की ओर लौट सकता है। इसी कारण लोग पूरी रात जागकर पहरा देने को मजबूर हैं और बच्चों व बुजुर्गों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।

ग्रामीणों में दहशत, वन विभाग से कार्रवाई की मांग

लगातार बढ़ रही हाथी-मानव संघर्ष की घटनाओं ने टुंडी क्षेत्र के ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि फसलों, घरों और सरकारी भवनों को नुकसान पहुंचाने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों की गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने, प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने और स्थायी सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।

Read Also- RANCHI NEWS: स्ट्रीट फूड की जांच करेगी मोबाइल लैब, जानें क्या है तैयारी

Related Articles

Leave a Comment