
Jamshedpur : जमशेदपुर के बोड़ाम थाना क्षेत्र स्थित डिमना लेक में दो जूनियर डॉक्टरों की डूबने से हुई मौत का रहस्य गहराता जा रहा है। इस घटना में जीवित बचे जूनियर डाक्टर यश के बार बार बयान बदलने से यह शक गहराता जा रहा है कि कहीं इस घटना में मृत दोनों जूनियर डाक्टर किसी बड़ी साज़िश का तो शिकार नहीं हो गए। घटना की डा यश जो कहानी बता रहे हैं, वह किसी के गले नहीं उतर रही है। गुरुवार की देर रात लगभग ढ़ाई बजे तीनों डाक्टर डिमना लेक घूमने गए। यह बात कई सवाल खड़े कर रही है। इतनी रात गए कोई डिमना लेक घूमने जाता है। उस पर तुर्रा यह कि दोनों डाक्टरों को वहां ले जाया गया जो प्रतिबंधित क्षेत्र है। माना जा रहा है कि पुलिस ने अगर निष्पक्ष तरीके से तहकीकात की तो दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। जनता की निगाहें पुलिस की तफ्तीश पर टिक गई हैं। परिजन भी हत्या का संदेह जता रहे हैं।
मृतक डॉ. सक्षम सिंह और डॉ. समीर लाल के परिजनों ने घटना पर गंभीर संदेह जताते हुए पुलिस से निष्पक्ष, गहन एवं वैज्ञानिक तरीके से जांच कराने की मांग की है। इस संबंध में मृतक डॉ. सक्षम सिंह के पिता सत्येंद्र कुमार सिंह ने शनिवार को बोड़ाम थाना में लिखित आवेदन देकर एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया है। पलामू जिले के तरहसी निवासी सत्येंद्र कुमार सिंह ने अपने आवेदन में कहा है कि 24 जुलाई की सुबह उन्हें उनके पुत्र के मित्र डॉ. सचिन का फोन आया, जिसमें बताया गया कि डिमना लेक में डॉ. सक्षम सिंह और डॉ. समीर लाल डूब गए हैं। सूचना मिलने के बाद वे तत्काल परिवार के साथ जमशेदपुर पहुंचे, जहां एमजीएम अस्पताल में उन्हें अपने पुत्र की मौत की जानकारी मिली।
थाने पर दिया गया यह आवेदन
आवेदन के अनुसार, घटना की रात करीब 2:30 से 3 बजे के बीच डॉ. सक्षम सिंह, डॉ. समीर लाल और उनके साथी डॉ. यश समीर की कार से एमजीएम मेडिकल कॉलेज हॉस्टल से डिमना लेक घूमने गए थे। वहां लेक के रेडियल फाटक के नीचे गहरे पानी के पास पहुंचे, जहां कथित तौर पर पहले सक्षम का पैर फिसला और वह डूबने लगा। उसे बचाने के लिए समीर पानी में उतरा, लेकिन वह भी डूब गया। डॉ. यश ने दोनों को बचाने की कोशिश करने का दावा किया, लेकिन सफल नहीं हो सका। बाद में उसने वॉयस कमांड के जरिए अपने मोबाइल से डॉ. सचिन को फोन कर घटना की जानकारी दी।
सक्षम का एक हाथ काम करने में था अक्षम
हालांकि, मृतक डॉ. सक्षम के पिता ने इस घटनाक्रम पर संदेह जताया है। उनका कहना है कि सक्षम पूर्व में एक गंभीर सड़क दुर्घटना का शिकार हो चुका था, जिसके कारण उसके एक हाथ की कार्यक्षमता पूरी तरह सामान्य नहीं थी। ऐसी स्थिति में उसका गहरे पानी में उतरना उन्हें स्वाभाविक नहीं लगता। उन्होंने यह भी दावा किया कि डॉ. यश का सक्षम और समीर के साथ पहले भी कई बार विवाद हो चुका था और घटना वाली रात भी तीनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। मृतक डॉ. समीर लाल के पिता अजय लाल ने भी घटना पर संदेह व्यक्त करते हुए पुलिस से निष्पक्ष जांच की मांग की है। दोनों परिवारों ने पुलिस से घटना के समय मौजूद सभी लोगों से विस्तृत पूछताछ, मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), मोबाइल लोकेशन, आपसी कॉल एवं संदेशों का विश्लेषण, घटनास्थल के इलेक्ट्रॉनिक एवं भौतिक साक्ष्यों, उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, विसरा रिपोर्ट, एफएसएल रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों की जांच कराने की मांग की है।
परिजनों ने कहा है कि यदि जांच के दौरान किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता, लापरवाही या आपराधिक भूमिका सामने आती है तो उसके विरुद्ध कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि उन्हें झारखंड पुलिस और न्याय व्यवस्था पर पूरा भरोसा है तथा उनका उद्देश्य केवल अपने पुत्रों की मौत की वास्तविक सच्चाई सामने लाना है।

