
जमशेदपुर : चुनावी आंकड़ों के केंद्रीकरण और मतदाता सूची से कथित तौर पर बड़ी संख्या में नाम हटाए जाने को लेकर कांग्रेस नेता डॉ. अजय कुमार ने चुनाव आयोग की सूचना प्रौद्योगिकी महानिदेशक डॉ. सीमा खन्ना के खिलाफ जमशेदपुर के गोलमुरी थाना में शिकायत की है। डॉ. अजय कुमार ने इस संबंध में सामाजिक माध्यम पर जानकारी साझा करते हुए कहा कि उन्होंने चुनाव आयोग की सूचना प्रौद्योगिकी महानिदेशक के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने चुनावी आंकड़ों के केंद्रीकरण, स्थानीय निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों की वैधानिक शक्तियों और मतदाता सूची में कथित बदलाव को लेकर सवाल उठाए हैं।

यह लगाया आरोप
डॉ. अजय कुमार के अनुसार, चुनावी आंकड़ों को चुनावी नेटवर्क और मतदाता पंजीकरण नेटवर्क के माध्यम से केंद्रीय स्तर पर एकत्रित और नियंत्रित किया जा रहा है। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया में स्थानीय निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों की कानूनी शक्तियां प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने कहा कि निर्वाचन क्षेत्र स्तर पर मतदाता सूची से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी स्थानीय अधिकारियों की होती है और उनके अधिकारों को कमजोर करने वाली किसी भी व्यवस्था की जांच आवश्यक है।
मतदाता सूची से लाखों वैध मतदाताओं के नाम हटाने का आरोप
डॉ. अजय कुमार ने अपनी शिकायत में निजी कंपनी टीसीएस की कथित भूमिका को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि चुनावी आंकड़ों से जुड़ी व्यवस्था के माध्यम से लाखों वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए। उन्होंने इसे मतदाता अधिकारों और निर्वाचन प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर मामला बताते हुए इसकी जांच की मांग की है। हालांकि, मतदाता सूची से लाखों नाम हटाए जाने और इस प्रक्रिया में टीसीएस के कथित इस्तेमाल से संबंधित आरोप डॉ. अजय कुमार की ओर से लगाए गए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि इस जानकारी के आधार पर नहीं हुई है। ऐसे में मामले में पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मतदाता सूची में कितने नाम हटाए गए, किन परिस्थितियों में हटाए गए और इसमें किसी प्रकार की अनियमितता हुई या नहीं।
चुनावी आंकड़ों के केंद्रीकरण पर उठाए सवाल
डॉ. अजय कुमार ने चुनावी आंकड़ों के केंद्रीय स्तर पर प्रबंधन को लेकर भी सवाल उठाया है। उनका कहना है कि चुनावी आंकड़ों से जुड़ी व्यवस्था में स्थानीय स्तर पर काम करने वाले निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों की भूमिका और वैधानिक अधिकार महत्वपूर्ण हैं। यदि मतदाता सूची से जुड़े निर्णयों और आंकड़ों का नियंत्रण स्थानीय स्तर से हटाकर केंद्रीय स्तर पर किया जाता है, तो इससे निर्वाचन प्रक्रिया में अधिकारियों की जिम्मेदारी और अधिकारों को लेकर सवाल खड़े हो सकते हैं। उन्होंने चुनावी आंकड़ों के प्रबंधन की प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है। शिकायत में चुनावी नेटवर्क, मतदाता पंजीकरण नेटवर्क, निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों और मतदाता सूची से संबंधित प्रक्रियाओं की जांच की मांग की गई है।
शिकायत के बाद कार्रवाई की मांग
डॉ. अजय कुमार ने जमशेदपुर के गोलमुरी थाना में शिकायत देकर पूरे मामले की जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि चुनावी प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों की रक्षा से जुड़े मामलों में कार्रवाई जरूरी है। शिकायत के बाद पुलिस स्तर पर मामले का संज्ञान लिया गया है। डॉ. अजय कुमार ने जमशेदपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के प्रति भी आभार जताया है। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया है। उनके अनुसार, पुलिस की ओर से मामले को गंभीरता से लिया गया है और आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है।
मतदाता अधिकारों की सुरक्षा का मुद्दा
डॉ. अजय कुमार ने कहा कि मतदाता सूची लोकतांत्रिक निर्वाचन प्रक्रिया का महत्वपूर्ण आधार है। किसी योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची से हटना उसके मतदान के अधिकार को प्रभावित कर सकता है। इसी वजह से उन्होंने चुनावी आंकड़ों के केंद्रीकरण और मतदाता सूची में कथित बदलाव से जुड़े आरोपों की जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि चुनावी व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए मतदाता सूची तैयार करने और उसमें संशोधन की प्रक्रिया पारदर्शी होनी चाहिए। स्थानीय निर्वाचन अधिकारियों की वैधानिक भूमिका और मतदाता अधिकारों की सुरक्षा से जुड़े विषयों पर स्पष्टता आवश्यक है।
अब नजरें पुलिस की जांच पर
अब इस मामले में पुलिस की जांच महत्वपूर्ण होगी। जांच के दौरान चुनावी आंकड़ों के प्रबंधन की प्रक्रिया, मतदाता सूची में कथित बदलाव, स्थानीय निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों की भूमिका और टीसीएस से जुड़े आरोपों की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। फिलहाल डॉ. अजय कुमार की ओर से लगाए गए आरोप जांच के दायरे में हैं। डॉ. अजय कुमार ने कहा है कि मतदाता अधिकारों और लोकतांत्रिक व्यवस्था की शुचिता से जुड़े मुद्दों को लेकर उनका संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने इस मामले की कार्रवाई को आगे बढ़ाने के लिए पुलिस प्रशासन के स्तर से मिले सहयोग का भी उल्लेख किया है।

