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GDA: किराया डिफॉल्टरों पर जीडीए सख्त, खातों से अपने आप कटेगा पैसा, जुर्माने की भी तैयारी

गोरखपुर जीडीए के अनुसार, कई बार नोटिस जारी करने और मौखिक अपील के बावजूद अधिकांश आवंटियों ने समय पर किराया जमा नहीं किया। इससे राजस्व हानि हो रही है और सार्वजनिक परियोजनाओं की गति प्रभावित हो रही है।

by Anurag Ranjan
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गोरखपुर : गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) ने अब किराया नहीं चुकाने वाले आवंटियों पर सख्त रवैया अपना लिया है। रामगढ़ताल क्षेत्र में संचालित वाणिज्यिक गतिविधियों के लिए आवंटित स्थलों का किराया समय से नहीं देने वालों पर अब सीधे बैंक खातों से ऑटो डेबिट के जरिए वसूली की जाएगी।

ऑटो डेबिट सिस्टम लागू होगा

गोरखपुर विकास प्राधिकरण ने घोषणा की है कि अब ऑटो डेबिट सिस्टम की मदद से आवंटियों के बैंक खातों से निर्धारित किराया राशि स्वत: कट जाएगी। यदि निर्धारित तिथि को खाते में पर्याप्त धनराशि नहीं हुई तो दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।

इस नई व्यवस्था को लेकर 2 जून को सुबह 10:30 बजे जीडीए कार्यालय में सभी आवंटियों की बैठक बुलाई गई है। इसमें प्राधिकरण सचिव, मुख्य वित्त अधिकारी और ओएसडी शामिल रहेंगे।

लाखों में बकाया, कई फर्मों पर भारी रकम

गोरखपुर विकास प्राधिकरण की अप्रैल 2025 की रिपोर्ट के अनुसार कई फर्मों पर करोड़ों का बकाया है:

फर्म का नामबकाया राशि (₹)प्रति माह किराया (₹)
PVS इंटरप्राइजेज (JSR गार्डन)₹85.73 लाख₹5.01 लाख
मेसर्स राज कुमार राय (क्रूज लेक क्वीन)₹1.28 करोड़₹7.41 लाख
मेसर्स इशिता (ताल बाजार/स्टैंड)₹29.35 लाख₹1.20 लाख
ई-सिटी बायस्कोप (वॉटर स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स)₹1.68 करोड़₹25 लाख (त्रैमासिक)
गणेश ट्रेडर्स (जेट स्की)₹12.39 लाख₹1.5 लाख
बलराम एपेक्स इंटरप्राइजेज (शिकारा बोट)₹7.95 लाख₹90,000
श्रवण यादव (मोटर बोट संचालन)₹52.95 लाख₹3 लाख

इनमें से कई फर्मों ने आंशिक भुगतान किया है, परंतु अब भी अधिकांश बकाया लंबित है।

बार-बार नोटिस के बावजूद नहीं सुधरे किराया डिफॉल्टर

गोरखपुर जीडीए के अनुसार, कई बार नोटिस जारी करने और मौखिक अपील के बावजूद अधिकांश आवंटियों ने समय पर किराया जमा नहीं किया। इससे राजस्व हानि हो रही है और सार्वजनिक परियोजनाओं की गति प्रभावित हो रही है।

“समय पर किराया जमा नहीं करने से न केवल प्राधिकरण की वित्तीय स्थिति प्रभावित होती है, बल्कि पारदर्शी व्यवस्था भी बाधित होती है। इसलिए हमने ऑटो डेबिट की योजना बनाई है ताकि कोई बहाना न चले।” – जीडीए उपाध्यक्ष आनंद वर्द्धन

क्या है ऑटो डेबिट सिस्टम

  • बैंक खाते से निर्धारित तारीख पर स्वत: कटेगी राशि
  • SMS/ईमेल अलर्ट के माध्यम से जानकारी दी जाएगी
  • किराया न होने की स्थिति में दंडात्मक ब्याज और संबंधित अनुबंध रद्द किए जा सकते हैं
  • भविष्य में डिजिटल भुगतान को प्राथमिकता दी जाएगी

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