
रांची : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे राज्य के अन्य जिलों में भी स्मार्ट सिटी की तर्ज पर ‘सैटलाइट टाउनशिप’ बनाने की संभावनाएं तलाशें। इसके लिए जमीन, कनेक्टिविटी और सुविधाओं का अध्ययन कर प्लान तैयार करें।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गुरुवार को अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक कर अधिकारियों को कई निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शहरीकरण का मतलब सिर्फ ऊंची इमारतें बनाना नहीं है। शहरों को ऐसा बनाएं जहां लोगों को सुरक्षा, बेहतर सेवाएं और आसान यातायात सुविधाएं मिल सके।
उन्होंने झारखंड मंत्रालय में अधिकारियों के साथ ग्रेटर रांची डेवलपमेंट अथॉरिटी एवं रांची स्मार्ट सिटी परियोजना के अंतर्गत भूमि से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर उच्चस्तरीय चर्चा की। राज्य में सुनियोजित शहरी विकास, भविष्य की जरूरतों के अनुरूप शहरों के विस्तार तथा आधुनिक शहरी आधारभूत संरचना के विकास को लेकर व्यापक विचार-विमर्श हुआ।
मुख्यमंत्री निर्देश दिया कि सैटलाइट टाउनशिप विकसित करने के लिए संबंधित जिलों में उपलब्ध भूमि, आधारभूत संरचना, कनेक्टिविटी, नागरिक सुविधाओं, रोजगार की संभावनाओं तथा भविष्य की आबादी की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए ठोस कार्ययोजना बनाएं। ऐसे आधुनिक, सुव्यवस्थित और टिकाऊ शहरी केंद्र विकसित करने की दिशा में कार्य करें, जहां लोगों को बेहतर बुनियादी सुविधाएं, सुरक्षित वातावरण, सुगम आवागमन और गुणवत्तापूर्ण सार्वजनिक सेवाएं सहज रूप से उपलब्ध हों।
स्मार्ट सिटी रांची के विस्तार की कार्ययोजना पर चर्चा
उन्होंने कहा कि रांची स्मार्ट सिटी के वर्तमान स्वरूप एवं उपलब्ध संसाधनों का आकलन करते हुए भविष्य में इसके विस्तार की संभावनाओं पर भी विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाए। बढ़ती आबादी, आर्थिक गतिविधियों और शहरी आवश्यकताओं को देखते हुए शहर के दीर्घकालिक एवं संतुलित विकास की दिशा में अभी से योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाना जरूरी है। बैठक में इस क्षेत्र के सुनियोजित विकास के लिए भविष्य में हैवी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड के साथ भूमि एवं अन्य विषयों को लेकर वार्ता किए जाने के संबंध में भी चर्चा हुई।
रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा विस्तार
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्मार्ट सिटी जैसी परियोजनाएं शहरी विकास को नई दिशा देने के साथ-साथ निवेश, रोजगार, व्यापार और आर्थिक गतिविधियों के लिए भी नए अवसरों का सृजन करेंगी।
उन्होंने परियोजना से जुड़े अधिकारियों को भूमि से संबंधित कार्यों सहित सभी महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं में समन्वय के साथ तेजी लाने, नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करने तथा निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि शहरी विकास की प्रत्येक योजना में वर्तमान जरूरतों के साथ आने वाली पीढ़ियों की आवश्यकताओं को भी ध्यान में रखा जाए, ताकि झारखंड के शहर विकास, सुविधा और नागरिक सेवाओं के क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित कर सकें।
बैठक में राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, विकास आयुक्त अजय कुमार सिंह, नगर विकास विभाग के प्रधान सचिव सुनील कुमार, वित्त विभाग के सचिव प्रशांत कुमार, उद्योग विभाग के सचिव अरवा राजकमल, राजस्व विभाग के सचिव चंद्रशेखर, उपायुक्त रांची मंजूनाथ भजंत्री, सीईओ स्मार्ट सिटी सूरज कुमार, एमडी जीयाडा वरुण रंजन, महाप्रबंधक स्मार्ट सिटी राकेश कुमार नंदकुलियार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
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