जमशेदपुर : बागबेड़ा में भाजपा के गैर सक्रिय सदस्य राकेश चौबे को मंडल अध्यक्ष बनाने का मामला अब तूल पकड़ता जा रहा है। इस मामले में अब जिला इकाई पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। माना जा रहा है कि प्रदेश नेतृत्व इस मामले में भाजपा की जिला इकाई को मामले को लेकर कारण बताओ नोटिस जारी करेगा। जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा से इस बारे में पूछताछ होगी। माना जा रहा है कि अब बागबेड़ा के मंडल अध्यक्ष राकेश चौबे की नियुक्ति रद होने की नौबत भी आ सकती है।
इस मामले को लेकर छह भाजपा कार्यकर्ताओं ने रांची जाकर सोमवार को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू से मुलाकात की और उन्हें लिखित शिकायत दी। इस शिकायत पर पार्टी के छह नेताओं के हस्ताक्षर हैं। इनमें अश्विनी तिवारी, सुबोध झा, शैलेष पाठक, मनोज कुमार सिंह, सुरेश प्रसाद और सूरज ओझा शामिल हैं। इनमें से कई नेता भाजपा की जिला इकाई में पदाधिकारी हैं या रह चुके हैं। इन सभी नेताओं ने प्रदेश अध्यक्ष को पूरे मामले से अवगत कराया है। इसके बाद प्रदेश अध्यक्ष ने भाजपा के जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष से फोन पर बात की है। महानगर अध्यक्ष को मामले को जल्द ही शार्ट आउट करने को कहा गया है।
पार्टी के सूत्रों का कहना है कि यह शिकायत केंद्रीय संगठन के कुछ पदाधिकारियों तक भेज दी गई है। बागबेड़ा में मंडल अध्यक्ष के चुनाव में जो कुछ हुआ है। जिस तरह से गैर सक्रिय सदस्य राकेश चौबे को मंडल अध्यक्ष बनाया गया है उससे वरिष्ठ नेताओं में नाराजगी है। वरिष्ठ नेता ऐसा मान रहे हैं कि इस मामले में पार्टी के नियमों का उल्लंघन किया गया है। इसलिए, बागबेड़ा में मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति रद होनी चाहिए और इस मंडल का चुनाव दोबारा किया जाना चाहिए।
सूत्र बताते हैं कि इस मामले की लीपापोती करने के प्रयास भी शुरू हो गए हैं। प्रदेश अध्यक्ष से शिकायत के बाद बीच का रास्ता निकालने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए शिकायत करने वाले पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं से संपर्क साधा जा रहा है। उन्हें मनाया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो शिकायत कर्ताओं में से दो कार्यकर्ताओं को जिले की इकाई में खाली पड़े पदों को देने का आफर भी दिया गया है।
सूत्र बताते हैं कि अभी तक मामले का कोई हल नहीं निकल पाया है। शिकायत करने वाले कार्यकर्ता इस बात पर अड़े हुए हैं कि अगर बागबेड़ा मंडल अध्यक्ष का चुनाव नियमसंगत नहीं है तो कार्रवाई होनी चाहिए और यह चुनाव प्रक्रिया रद की जानी चहिए। मामले की शिकायत संगठन मंत्री से कर दी गई है। बताया जा रहा है कि संगठन मंत्री ने इस मामले में जमशेदपुर भाजपा के महानगर अध्यक्ष संजीव सिन्हा से पूरी रिपोर्ट मांगी है।
भारी पड़ रहा है पूर्व महानगर अध्यक्ष के खिलाफ धरना देना
बागबेड़ा के मंडल अध्यक्ष राकेश चौबे पर पूर्व महानगर अध्यक्ष सुधांशु ओझा के खिलाफ धरना देने का आरोप है। यह मामला तब का है जब सुधांशु ओझा भाजपा के महानगर अध्यक्ष थे। उन्होंने कुछ नेताओं की नियुक्ति की थी। इससे नाराज होकर कुछ भाजपा कार्यकर्ताओं ने साकची में पार्टी जिला कार्यालय के सामने सुधांशु ओझा के खिलाफ धरना दिया था। आरोप है कि इस धरने में राकेश चौबे भी शामिल थे। यह बात भी प्रदेश अध्यक्ष को बता दी गई है।
गलती से हो गई है नाम की घोषणा
बागबेड़ा के भाजपा नेताओं ने जब मामले की शिकायत प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू से की थी तो उन्होंने पहले तो इस बात की जांच कराई कि मंडल अध्यक्ष राकेश चौबे पार्टी के सक्रिय सदस्य हैं या नहीं। जांच पूरी होने के बाद प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि हो सकता है कि राकेश चौबे का चुनाव गलती से हो गया हो। क्योंकि, मंडल अध्यक्ष 45 साल से कम उम्र का घोषित होना था। झारखंड में 500 मंडल अध्यक्ष बनाए गए हैं। ऐसे में गलती होना स्वाभाविक है। दूसरी तरफ, माना जा रहा है कि इस मामले में महानगर अध्यक्ष की भूमिका संदिग्ध है।
मामला अब प्रदेश अध्यक्ष के संज्ञान में चला गया है। इस मामले में प्रदेश जो भी निर्णय लेगा वह मान्य होगा।
-संजीव सिन्हा, जमशेदपुर भाजपा महानगर अध्यक्ष
इस मामले में हम जमशेदपुर महानगर अध्यक्ष से बात करेंगे। अभी हमें इस मामले में ज्यादा कुछ जानकारी नहीं है। वहां से रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
-कर्मवीर सिंह, भाजपा संगठन मंत्री
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