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Jamshedpur News : जमशेदपुर में जया किशोरी की कथा में गूंजा भक्ति का संदेश, नरसी मेहता की अटूट आस्था का किया वर्णन

Jamshedpur News : यह धार्मिक आयोजन दो अप्रैल तक चलेगा। दूसरे दिन एक अप्रैल को जया किशोरी ‘कुमकुम पत्रिका’, नरसी मेहता के अंजार नगर प्रस्थान और श्रीकृष्ण-नरसी मिलन प्रसंग का वाचन करेंगी।

by Mujtaba Haider Rizvi
Jaya Kishori delivering spiritual katha in Jamshedpur describing devotion of Narsi Mehta
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Jamshedpur : जमशेदपुर की सामाजिक एवं धार्मिक संस्था नारायणी सेवा ट्रस्ट की ओर से साकची स्थित चंदूलाल अशोक कुमार भालोटिया सभागार, बोधि मंदिर मैदान में आयोजित तीन दिवसीय ‘नानी बाई रो मायरो’ धार्मिक कथा के पहले दिन मंगलवार को श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। विश्वविख्यात आध्यात्मिक प्रवक्ता जया किशोरी ने व्यास पीठ से अपनी सुमधुर वाणी में भक्त नरसी मेहता के जीवन, उनकी भक्ति और भगवान के प्रति उनके अटूट समर्पण का भावपूर्ण वर्णन किया।

कथा के दौरान जया किशोरी ने बताया कि नरसी मेहता का जीवन सादगी, प्रेम और भगवान के नाम के निरंतर स्मरण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि सच्ची भक्ति में इतनी शक्ति होती है कि वह हर कठिनाई को पार कर देती है। नरसी मेहता बचपन से मूक-बधिर थे, लेकिन भगवान श्रीकृष्ण की कृपा से उन्होंने वाणी प्राप्त की और जीवनभर भक्ति में लीन रहे।

गरीबी के बाद भी भगवान पर था अटूट विश्वास

उन्होंने ‘नानी बाई रो मायरो’ प्रसंग के माध्यम से समझाया कि किस प्रकार नरसी मेहता ने गरीबी के बावजूद भगवान पर अटूट विश्वास बनाए रखा। उनकी इसी आस्था से प्रसन्न होकर भगवान श्रीकृष्ण ने स्वयं नरसी का रूप धारण कर उनकी पुत्री नानी बाई के ससुराल में अपेक्षा से कई गुना अधिक मायरा भरा। यह कथा केवल एक धार्मिक प्रसंग नहीं, बल्कि विश्वास और भक्ति की अद्भुत शक्ति का प्रतीक है।

कथा की शुरुआत में जया किशोरी ने विवाह के बाद एक लड़की के जीवन में आने वाले बदलावों का भी मार्मिक वर्णन किया। उन्होंने कहा कि जीवन में चाहे कितनी भी कठिनाइयां आएं, सच्चा भक्त अंततः भगवान की कृपा प्राप्त करता है।

गणेश वंदना से हुई कार्यक्रम की शुरुआत

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक विधि-विधान के साथ गणेश वंदना, कलश स्थापना, नवग्रह पूजन, व्यास पीठ और ठाकुर जी (श्रीकृष्ण) की पूजा-अर्चना से हुई। कोलकाता से आए आचार्य अभिषेक तिवारी ने विधिवत पूजा संपन्न कराई। इसके बाद व्यास पीठ पर जया किशोरी के विराजमान होने पर उनका पारंपरिक स्वागत किया गया।

दो अप्रैल तक चलेगा धार्मिक आयोजन

कथा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। लगभग छह हजार से अधिक भक्तों ने पंडाल में पहुंचकर कथा का रसपान किया। आयोजन को सफल बनाने में ट्रस्ट के अध्यक्ष राजकुमार चंदूका सहित कई गणमान्य लोगों और कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

यह धार्मिक आयोजन दो अप्रैल तक चलेगा। दूसरे दिन एक अप्रैल को जया किशोरी ‘कुमकुम पत्रिका’, नरसी मेहता के अंजार नगर प्रस्थान और श्रीकृष्ण-नरसी मिलन प्रसंग का वाचन करेंगी।

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