
चाईबासा : झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिला अंतर्गत सारंडा जंगल से सटे जराइकेला क्षेत्र में बुधवार शाम हाथी के हमले से एक बड़ा हादसा हो गया। जंगल से निकले हाथी ने सीआरपीएफ-134 बटालियन के तिरिलपोसी कैंप में मुंशी के पद पर कार्यरत विजय विश्वकर्मा (58) पर हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। मूल रूप से गढ़वा जिले के रहने वाले विजय विश्वकर्मा कैंप के निर्माण कार्य से जुड़े थे।
जानकारी के अनुसार, बुधवार शाम करीब 4 बजे विजय विश्वकर्मा जराइकेला में काम निपटाकर तिरिलपोसी कैंप लौट रहे थे। इसी बीच दीघा से आगे ‘हाथी टावर’ के पास अचानक एक जंगली हाथी सामने आ गया। भागने का मौका मिले, उससे पहले ही हाथी ने उन पर हमला बोल दिया। हाथी ने उन्हें पटक दिया और बाएं पैर के घुटने पर अपना भारी पैर रख दिया। इससे उनका पैर बुरी तरह कुचल गया और वह लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़े। घटना की सूचना मिलते ही उनकी बटालियन के कमांडेंट त्रिलोचनाथ सिंह ने तुरंत रेस्क्यू के आदेश दिए।
द्वितीय कमान अधिकारी वलय भूषण भाका और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. कुंदन कुमार सिंह मेडिकल टीम व जवानों के साथ फौरन मौके पर पहुंचे। जवानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घायल विजय को प्राथमिक उपचार दिया। पैर में गंभीर चोट और अत्यधिक खून बहने के कारण उनकी हालत नाजुक थी। सीआरपीएफ की एम्बुलेंस से उन्हें बिना देर किए राउरकेला के अस्पताल भेजा गया, जहां उनकी सर्जरी और इलाज चल रहा है। डॉक्टरों की निगरानी में विजय की स्थिति स्थिर बताई जा रही है।
समय पर मेडिकल मदद मिलने से उनकी जान बच गई। सीआरपीएफ जवानों की तत्परता की हर तरफ सराहना हो रही है। वन विभाग ने भी इलाके में हाथियों की आवाजाही बढ़ने को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। सारंडा क्षेत्र में आए दिन हाथी-मानव संघर्ष की घटनाएं सामने आती रहती हैं।

