Ranchi (Jharkhand) : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आज हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल 39 प्रस्तावों पर मुहर लगी। इनमें सबसे महत्वपूर्ण निर्णय लंबे समय से लंबित पेसा (पंचायती राज विस्तार अनुसूचित क्षेत्र अधिनियम, 1996) नियमावली को स्वीकृति प्रदान करना रहा। इस फैसले से झारखंड के अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को जल, जंगल, जमीन और अन्य संसाधनों पर मजबूत अधिकार मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
जल, जंगल और जमीन से जुड़े मामलों में निर्णय का अधिकार मिलेगा
सरकार के अनुसार, पेसा नियमावली के लागू होने से आदिवासी बहुल क्षेत्रों में स्थानीय ग्राम सभाओं की भूमिका सशक्त होगी। जल, जंगल और जमीन से जुड़े मामलों में निर्णय लेने का अधिकार ग्राम सभाओं को मिलेगा, जिससे विकास योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक लोकतांत्रिक और पारदर्शी बनेगा। साथ ही, स्थानीय समुदाय की सहभागिता बढ़ेगी और आदिवासी अधिकारों की रक्षा मजबूत होगी।
38 प्रस्तावों पर लगी मुहर
बैठक में पारित अन्य 38 प्रस्तावों में प्रशासनिक सुधार, विभिन्न विभागों की नीतियां, जनकल्याणकारी योजनाएं और बुनियादी ढांचे से जुड़े मुद्दे शामिल हैं। सरकार ने स्पष्ट किया कि पेसा नियमावली के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शीघ्र ही विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।यह निर्णय हाईकोर्ट के दबाव और आदिवासी संगठनों की लंबी मांग के बाद आया है, जो राज्य में पेसा के पूर्ण कार्यान्वयन की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।

