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महिलाओं के खाते में आएंगे 3 लाख रुपये? झारखंड के CM हेमंत सोरेन ने कह दी यह बात

उच्चशिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि एमजीएम का नया अस्पताल रिम्स के समकक्ष होगा। 24 वर्ष के झारखंड में 17 वर्ष विपक्षी भाजपा ही सरकार में रही, लेकिन उन्होंने कोई काम नहीं किया।

by Rakesh Pandey
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जमशेदपुर : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने शनिवार को मानगो के डिमना स्थित एमजीएम मेडिकल कॉलेज-अस्पताल के नवनिर्मित भवन व ओपीडी का उद्घाटन किया। इस दौरान बालीगुमा के फुटबॉल मैदान में जनसभा को संबोधित करते हुए पांच वर्ष की अपनी उपलब्धियां गिनाईं, तो भाजपा व केंद्र सरकार पर भी खूब बरसे।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पहले दिन से हमारी सरकार को गिराने में जुट गई थी। कोरोना के दो वर्ष छोड़ दें, तो पूरे पांच वर्ष तक राज्य के विकास में रोड़ा अटकाते रहे। मुझे भी जेल में ठूंस दिया। इन्हें राज्य के विकास से कोई मतलब नहीं है। यदि केंद्र सरकार कोयला रायल्टी का बकाया 1.36 लाख करोड़ दे दे, तो झारखंड की हर महिला के खाते में 3-3 लाख रुपये दे देंगे।

हम अभी हर महिला को एक-एक हजार रुपये दे रहे हैं, तो ये लोग बोल रहे हैं हमारी सरकार आई तो 2100 रुपये देंगे। ये लोग सिर्फ झूठा आश्वासन देते हैं। उनसे पूछिए कि पड़ोस के ओडिशा में महिलाओं को कितना दे रहे हैं।
इससे पहले हेमंत ने कहा कि इन लोगों (भाजपा) की नजर अब झारखंड की खनिज संपदा पर है। इन्होंने छत्तीसगढ़ के जंगल साफ कर दिए, आदिवासियों को खदेड़ दिया, अब यही काम यहां करना चाहते हैं। ये लोग सिर्फ हिंदू-मुस्लिम और अगड़ा-पिछड़ा करके समाज को लड़ाना जानते हैं। विधायक और मंत्री खरीद कर पैसे के बल पर पूरे देश और राज्यों में सरकार बनाना चाहते हैं।

हेमंत ने एक बार फिर कोरोना का जिक्र करते हुए कहा उस समय झारखंड ने पूरे देश को ऑक्सीजन दिया। यह पहला राज्य है, जिसने अपने प्रवासी मजदूरों को बस, रेल और हवाई जहाज तक से उनके घर तक पहुंचाया। पड़ोस के राज्यों में बदतर स्थिति थी। यह राज्य पूरे देश को खनिज संपदा देता है, लेकिन यहां के लोगों की स्थिति क्या है।

यह देश का सबसे गरीब राज्य है। इसके बावजूद हमने नए-नए कीर्तिमान स्थापित किए। यह पहला राज्य है, जहां सभी बुजुर्ग को बिना जाति-वर्ग के भेदभाव के पेंशन मिलता है। सभी विधवा को हम पेंशन देते हैं, चाहे वह किसी भी उम्र की हो। हरेक को 200 यूनिट तक बिजली फ्री मिल रही है, तो पुराना बकाया भी माफ कर दिया गया। किसानों का दो लाख रुपये तक का ऋण माफ कर दिया। हेमंत ने शुरु में कुछ देर संथाली में भी भाषण दिया। सभा को स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता व उच्चशिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने भी संबोधित किया।

जमशेदपुर में खुला 500 बेड का सातमंजिला सरकारी अस्पताल

मानगो के डिमना में शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने एमजीएम अस्पताल के नए भवन के ओपीडी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने सीसीयू का भी शिलान्यास किया। मुख्यमंत्री ने अस्पताल में 16 मिनट बिताए, जहां उन्होंने मुख्य गेट पर फीता काटने के बाद ओपीडी के रजिस्ट्रेशन कार्यालय और नेत्र रोग विभाग का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कंपनी एलएंडडी के अधिकारियों से जानकारी भी ली। बताया गया कि 500 बेड वाले इस सातमंजिला अस्पताल की लागत करीब 376 करोड़ रुपये है, जबकि 100 बेड वाले सीसीयू पर लगभग 44 करोड़ रुपये खर्च होंगे, जिसे 18 महीने में पूरा करना है। 30 एकड़ में फैले अस्पताल में भवन निर्माण लगभग 10 एकड़ में है। यहां लगभग सभी बीमारी का इलाज होगा। ओपीडी सेवा शनिवार से ही शुरू हो गई।

सीएम के काफिले को पारा-मेडिकल छात्रों ने रोका

अस्पताल के उद्घाटन के दौरान ही पारा-मेडिकल छात्रों ने मुख्यमंत्री का काफिला रोक दिया। छात्र नारेबाजी करते हुए सीएम के काफिले के आगे आ गए। सीएम ने भी उनकी मांगों को सुना और एक माह के अंदर समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। पारा-मेडिकल छात्रों ने बताया कि बीते दस साल से यहां उन्हें हॉस्टल की सुविधा उपलब्ध नहीं है। छात्रों ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से हमारे हॉस्टल के लिए पांच करोड़ रुपये आवंटित भी किए थे, लेकिन उसका क्या हुआ, कोई नहीं बता रहा। सीएम ने इसका जिक्र मंच से करते हुए कहा कि यह मामला अभी मेरे संज्ञान में आया है। मैंने छात्रों को आश्वस्त किया है कि सरकार एक माह के अंदर इस पर काम शुरू कर देगी।

डीएम लाइब्रेरी व कन्वेंशन सेंटर का भी हुआ उद्घाटन

मुख्यमंत्री ने साकची स्थित दिनशॉ मेमोरियल म्यूनिसिपल लाइब्रेरी व इसमें बने मल्टीपर्पस कन्वेंशन सेंटर का भी ऑनलाइन उद्घाटन किया। स्ट्रेटमाइल रोड पर करीब 13 करोड़ की लागत से बनी लाइब्रेरी व बहुद्देशीय भवन में पुस्तकों के अलावा सभा, सेमिनार, बैठक आदि की पर्याप्त व्यवस्था है। इसका शिलान्यास 3 अगस्त 2019 को विधायक सरयू राय ने किया था।

चाइनीज आइटम हैं हिमंता : बन्ना गुप्ता

बालीगुमा में सभा को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता ने कहा कि हेमंत सोरेन की सरकार न तो झुकने वाली है और न ही टूटने वाली। उन्होंने कहा कि झारखंड को बेचने वालों को कभी माफ नहीं किया जाएगा। उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा को यहां लाया है। हिमंता चाइनीज आइटम हैं, लिखो-फेंको। बन्ना ने कहा कि भाजपा को हेमंत सोरेन को जेल भेजने के लिए माफी मांगनी चाहिए।

रिम्स के समकक्ष होगा अस्पताल : रामदास

उच्चशिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने अपने संबोधन में कहा कि एमजीएम का नया अस्पताल रिम्स के समकक्ष होगा। 24 वर्ष के झारखंड में 17 वर्ष विपक्षी भाजपा ही सरकार में रही, लेकिन उन्होंने कोई काम नहीं किया। हेमंत सरकार ने कोरोना के दो वर्ष हटा दें, तो 3 वर्ष में ही वह काम कर दिए, जो 17 वर्ष में नहीं हुआ था।

एमजीएम में खुलेंगे तीन सुपर स्पेशिएलिटी विंग

एमजीएम मेडिकल कालेज में मार्च 2025 तक तीन सुपर स्पेशिएलिटी विंग खोलने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें कार्डियक, न्यूरो सर्जरी और ओंकोलाजी शामिल है। इसके बाद यहां पर हार्ट, कैंसर और ब्रेन का इलाज हो सकेगा। इन तीनों विभागों को प्रारंभ करने के लिए आवश्यक संसाधन, प्रक्रिया और प्रशिक्षण के लिए तीन समितियों का गठन किया गया है।

प्रत्येक समिति में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों सहित रिम्स व निजी अस्पतालों के विशेषज्ञ चिकित्सकों को शामिल किया गया है। ये सभी सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल के निर्माण पर अपनी राय व सलाह देंगे। ताकि बेहतर इलाज की सुविधा मरीजों को मिल सके। कार्डियक सर्जरी और न्यूरो
सर्जरी विभाग के गठन के लिए बनाई गई समिति में सात-सात सदस्यों को रखा गया है।

आंकोलाजी विभाग के गठन के लिए छह सदस्यों को रखा गया है। समिति अस्पताल में उपलब्ध सुविधाओं जैसे आपरेशन थियेटर, इमरजेंसी सुविधाएं, आइसीयू, उपकरण और दवाओं की उपलब्ध और नई मशीनों को लगाने को लेकर अपनी रिपोर्ट विभाग को देगी।

पारा मेडिकल छात्रों ने रोका सीएम का काफिला

डिमना चौक स्थित महात्मा गांधी मेमोरियल (एमजीएम) मेडिकल कालेज परिसर में बने नये अस्पताल के ओपीडी का शुभारंभ करने के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन बालीगुमा सभा स्थल की ओर जा रहे थे। तभी डिमना चौक के समीप पारा मेडिकल छात्रों ने उनके काफिला को रोक दिया। छात्र मुख्यमंत्री और स्वास्थ्य मंत्री के खिलाफ नारेबाजी भी करने लगे।

इससे सुरक्षा में तैनात सुरक्षा कर्मियों के हाथ-पैर फूलने लगे। हालांकि, मंच से संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पारा-मेडिकल छात्रों की समस्या मेरे संज्ञान में आया है। अगले एक माह के अंदर उसे दूर करने का प्रयास किया जाएगा।

इधर, छात्रों ने कहा:कि 2 अक्टूबर को वे लोग पारा मेडिकल कालेज के निर्माण और छात्रावास उपलब्ध कराने की मांग को लेकर स्वास्थ्य मंत्री बन्ना गुप्ता से मिलने के लिए गए थे लेकिन उनके द्वारा कुछ भी आश्वासन नहीं मिला।

इससे छात्रों में काफी आक्रोश है और निर्णय लिया गया कि मुख्यमंत्री के सामने सभी समस्याओं को रखा जाएगा। इसी के तहत छात्रों ने अपने हाथों में तख्ती पकड़कर कालेज निर्माण और छात्रावास उपलब्ध कराने की मांग कर रहे थे।

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